खैरागढ़. जनपद पंचायत छुईखदान में हाल ही में पारित बजट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सामान्य प्रशासन समिति के सदस्य एवं सभापति सुधीर गोलछा ने आरोप लगाया है कि बैठक की विधिवत सूचना दिए बिना ही सामान्य प्रशासन समिति की बैठक आयोजित कर 2–3 वर्षों का बजट पारित कर दिया गया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को अवैध बताते हुए उपसंचालक (पंचायत) से प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाने और बैठक की कार्यवाही को शून्य घोषित करने की मांग की है।
गोलछा ने अपने लिखित पत्र में कहा है कि उन्हें बैठक की जानकारी किसी आधिकारिक माध्यम से नहीं, बल्कि 28 फरवरी 2026 के अखबार में प्रकाशित समाचार से मिली। उनका कहना है कि समिति के सदस्य होने के बावजूद सूचना न मिलने के कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सके और बजट से संबंधित कथित वित्तीय गड़बड़ियों तथा नियम उल्लंघन की जानकारी कार्यवाही पंजी में दर्ज नहीं करा पाए। उनका आरोप है कि इससे गंभीर अनियमितताओं की जानकारी शासन तक पहुंचने से रह गई।
उन्होंने यह भी बताया कि समिति में कुल 9 सदस्य हैं, लेकिन सूचना के अभाव में केवल 5 सदस्य ही बैठक में पहुंच पाए, जबकि 4 सदस्य अनुपस्थित रहे। गोलछा के अनुसार यदि सभी सदस्यों को समय पर सूचना दी जाती तो पूर्ण उपस्थिति के साथ विस्तृत चर्चा संभव होती। चार सदस्यों की अनुपस्थिति में बजट पारित किए जाने को उन्होंने “विवादित” बताते हुए कहा कि इससे निर्णय की वैधता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
गोलछा ने उपसंचालक कार्यालय को भेजी शिकायत में चेतावनी दी है कि यदि प्रस्ताव निरस्त नहीं किया गया तो इसे संगठित वित्तीय अपराध मानते हुए उच्च अधिकारियों और न्यायालय में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उपसंचालक कार्यालय की ओर से उन्हें संदेश मिला है कि मामले पर कार्रवाई कर उन्हें सूचित किया जाएगा। बजट पारित होने के बाद से जनपद पंचायत में जारी विवाद अब औपचारिक शिकायत के बाद और गंभीर रूप ले सकता है तथा प्रशासनिक स्तर पर जांच और निर्णय की स्थिति बन सकती है।



