Home छत्तीसगढ़ डेडलाइन से पहले माओवादियों का हथियारों का जखीरा बरामद…

डेडलाइन से पहले माओवादियों का हथियारों का जखीरा बरामद…

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जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी को 31 मार्च से पहले नक्सल मुक्त करने की दिशा में बड़ी सफलता

अंबागढ़ चौकी:-
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है। बरामद सामग्री में एक AK-47 और एक INSAS रायफल मैगजीन सहित कुल 46 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोडेकुरसे थाना क्षेत्र की सीमा से लगे कोवाचीटोला गांव और मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के कलवर जंगल में नक्सलियों ने हथियार छिपा रखे हैं। इसके आधार पर जिला पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए रवाना हुई। करीब 4 से 5 घंटे की सघन तलाशी के बाद टेकरी पर नाले के किनारे कटे हुए पेड़ के नीचे काले पॉलिथीन में लिपटा एक बंडल मिला।
बंडल की जांच करने पर उसमें दो ऑटोमेटिक हथियार मैगजीन सहित बरामद हुए। सुरक्षा बलों ने सावधानीपूर्वक हथियारों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बरामद हथियार
AK-47 रायफल, मैगजीन सहित 26 राउंड
INSAS रायफल, मैगजीन सहित 20 राउंड
जिले में नक्सलियों की गतिविधियां वर्ष 1985 के आसपास शुरू हुई थीं। बस्तर से सटे होने के कारण माओवादियों ने यहां अपना आधार तैयार किया और कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। वर्ष 2009-10 के दौरान मानपुर डिवीजन में कई एरिया कमेटियां, लोकल स्क्वाड और एक प्लाटून सक्रिय थे।

हालांकि, लगातार चलाए गए संयुक्त अभियानों के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़ा है। अब तक 18 नक्सली मारे जा चुके हैं और 33 ने आत्मसमर्पण किया है। वर्तमान स्थिति में जिले में माओवादी संगठन की सक्रियता लगभग समाप्त हो चुकी है।
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को 31 मार्च तक जिले को नक्सल मुक्त घोषित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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