एनक्यूएएस प्रमाण पत्र के लिए सहसपुर दल्ली, आमगांव और कम्हेरा सहित सात केंद्रों का हुआ चयन, गुणवत्ता में अव्वल
राजनांदगांव (दावा)। जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में राजनांदगांव ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम के तहत जिले के 7 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का चयन राष्ट्रीय प्रमाण पत्र के लिए किया गया है। यह चयन केंद्रों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और मरीजों को दी जाने वाली गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के आधार पर हुआ है।
इन केंद्रों का हुआ चयन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चयनित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जिले के तीन विकासखंडों के केंद्र शामिल हैं। जिसमें राजनांदगांव विकासखंड से सहसपुर दल्ली, पनिया एवं रेंगाकठेरा, छुरिया विकासखंड से आमगांव, हालेकोसा एवं भेजराटोला, डोंगरगांव विकासखंड से कम्हेरा है। डॉ. नवरतन ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुदृढ़ करना है। इस प्रमाण पत्र का मिलना इस बात का प्रमाण है कि इन केंद्रों में स्वच्छता, उपचार की पद्धति और मरीजों की देखभाल के उचित मानक अपनाए जा रहे हैं।
लक्ष्य की ओर बढ़ता जिला
जिले में अब तक कुल 42 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 83 अन्य संस्थानों ने भी अपनी तैयारी पूर्ण कर आवेदन प्रस्तुत किया है। इनमें से 24 केंद्रों का निरीक्षण भी पूरा हो चुका है, जिनका प्रमाण पत्र जल्द ही प्राप्त होने की उम्मीद है। इस बड़ी उपलब्धि पर सीएमएचओ ने जिले के सलाहकार डॉ. विकास राठौर, डॉ. स्नेहा जैन, डॉ. निहारिका टोपनो सहित संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारियों और चयनित केंद्रों के समस्त मैदानी कर्मचारियों को बधाई दी है।



