कलेक्टर के निर्देश पर अंतिम नोटिस जारी,
अब तक मात्र 2.70 लाख की हुई वसूली, शेष बकायेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई
राजनांदगांव (दावा)। जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित व्यावसायिक दुकानों द्वारा लंबे समय से किराया भुगतान न किए जाने पर जिला प्रशासन अब कड़े कदम उठाने जा रहा है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई जीवन दीप समिति की बैठक के बाद लिए गए निर्णय के अनुसार निर्धारित समय सीमा में बकाया राशि जमा न करने वाले दुकानदारों की दुकानों को सील करने की तैयारी कर ली गई है। अस्पताल प्रबंधन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, परिसर की कुल 26 दुकानों पर कुल 12 लाख 99 हजार 909 रुपये की भारी-भरकम राशि बकाया थी। 11 मार्च को हुई बैठक और सिविल सर्जन द्वारा जारी अंतिम नोटिस के बाद कुछ दुकानदारों ने तत्परता दिखाई। जिससे अब तक 2 लाख 70 हजार 864 रुपये की वसूली की जा सकी है।
10.29 लाख के बकायेदारों को आखिरी चेतावनी
प्रशासनिक सख्ती के बावजूद अब भी 10 लाख 29 हजार 045 रुपये की राशि बकाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन दुकानदारों ने अंतिम नोटिस की अवधि बीत जाने के बाद भी अपना बकाया भुगतान नहीं किया है, उनके विरुद्ध बिना किसी देरी के सीलबंदी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल के रखरखाव और बेहतर संचालन के लिए दुकानों से मिलने वाला किराया एक महत्वपूर्ण स्रोत है। किराया जमा न होने से विकास कार्यों पर असर पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से वसूली और सीलबंदी का कड़ा फैसला लिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से बकायादार दुकानदारों में हडक़ंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर की सरकारी संपत्ति पर बकाया रखने वालों को अब और मोहलत नहीं दी जाएगी।


