Home छत्तीसगढ़ महापौर ने बढ़ी हुई सम्पत्तिकर में कमी कर जनता को दी राहत…

महापौर ने बढ़ी हुई सम्पत्तिकर में कमी कर जनता को दी राहत…

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कांग्रेस के विरोध को बताया दिखावा,

कहा-संपत्ति कर वृद्धि के समय सभा में तटस्थ थे कांग्रेसी

राजनांदगांव (दावा)। महापौर मधुसूदन यादव ने नगर निगम क्षेत्र में राज्य शासन द्वारा की गई संपति कर में वृद्धि को काफी हद तक कम कर जनता को राहत दी है। सोमवार को उन्होंने इस संबंध में प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि शहर की जनता को उनके घरों व खुली भूमि में 10 प्रतिशत तथा व्यावसायिक व औद्योगिक में मात्र 20 प्रतिशत की वृद्धि कर उन्हें राहत प्रदान की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर के बढ़े हुए दरों की। चेंबर ऑफ कॉमर्स, कैट व स्वयं भाजपा मंडल की ओर से विरोध किया जा रहा था। इसे देखते हुए उन्होंने मेयर इन कौंसिल की बैठक लेकर तथा जनता के हितों का ध्यान में रखते हुए संपत्ति कर में काफी हद तक कम करने का प्रयास किया है।
बता दें कि राज्य शासन द्वारा बढ़े हुए संपत्ति कर को 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। कई लोगों ने उक्त बढ़े हुए दर से संपत्ति कर पटानी शुरू कर दी थी। इस पर महापौर ने कहा कि जिन लोगों ने बढ़ी हुई दर पर संपत्ति कर निगम में जमा कर दिए हैं। आने वाले समय में उनकी संपत्ति कर में कमी की जाएगी। प्रेस वार्ता में महापौर श्री यादव ने बताया कि पार्टी के साथ जनता के हितों में कार्य करना हमारा मुख्य उद्देश्य रहा है। जिसमें व्यावहारिक संतुलन बनाते हुए तीन गुनी बढ़ी हुई संपत्ति कर में वृद्धि को वापस लेकर मात्र 10 प्रतिशत ही संपत्ति कर में वृद्धि की घोषणा की गई है।
कांग्रेस के विरोध के बताया दिखावा, लिया आड़़े हाथ
महापौर मधुसूदन यादव ने संपत्ति कर मामले में कांग्रेस के विरोध को दिखावा बताते हुए उन्हें आड़े हाथ लिया और कहा कि जिस समय सामान्य सभा में संपत्ति कर में वृद्धि की बात उठी थी तो सभी कांग्रेसी पार्षद तटस्थ थे। बढ़ी हुई दर के विरोध में आवाज नहीं उठाई। उठाई होती तो सभा में पास ही नहीं होता। अब जब सब की सहमति से प्रस्ताव पास होकर संपत्ति कर बढ़ी हुई दर में वसूल किए जाने लगे हैं तो जनता का हितैषी बनने ढोंग किया जा रहा है। कहीं धरना प्रदर्शन तो कहीं हस्ताक्षर अभियान का नाटक कर रहे हैं। महापौर ने कहा कि जनता का पूरा समर्थन भारतीय जनता पार्टी के साथ है। भाजपा जनता के हित में और उन्हें राहत पहुंचाने सदैव काम करते रही है और काम करती रहेगी।
9 वर्षों से संपत्ति कर में नहीं हुई थी वृद्धि
महापौर ने नगर निगम सभापति पारस वर्मा, भाजपा के सुमीत भाटिया, आदित्य श्रीवास्तव, बलवंत साव,मेयर इन कौंसिल के आलोक श्रोती, मनोहर यादव, पूर्व पार्षद विजय राय, जितेंद्र सिन्हा आदि के साथ प्रेस वार्ता लेते हुए बताया कि पिछले 9 सालों से निगम में संपत्ति कर में वृद्धि नहीं हुई है और न संशोधन नहीं किया गया था। जबकि कलेक्टर गाईड लाईन अनुसार सम्पत्ति करो की दरो में संशोधन प्रति वर्ष किया जाना है। किंतु इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सम्पत्तिकर निर्धारण हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड तथा प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन के अनुसार ए.आर.व्ही. (वार्षिक भाडा मूल्य) दर का निर्धारण किया गया था, जिसे नियमानुसार सामान्य सभा से उक्त दरो की स्वीकृति पश्चात अप्रैल माह से 2026-27 के सम्पत्तिकर लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन अनुसार दरो में संशोधन से सम्पत्तिकर की दरो में वृद्धि हुई साथ ही पूर्व वर्षों में सम्पत्ति कर की गणना प्रक्रिया तथा शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार सम्पत्तिकर की गणना प्रक्रिया के कारण वर्तमान वर्ष के सम्पत्तिकर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। चुकि वर्षों से सम्पत्तिकर में वृद्धि नहीं की गयी थी और इस वर्ष नियमो के तहत तथा कलेक्टर गाईड लाईन अनुसार दर निर्धारित करने पर सम्पत्तिकर में लगभग सभी वार्डो में अप्रत्यासित वृद्धि हुई। जिससे जनसामान्य पर सम्पत्तिकर वृद्धि का आर्थिक बोझ पड़ा।
संपत्ति कर में किया गया संशोधन
जिसका परिणाम यह हुआ कि कुछ क्षेत्रों में सम्पत्तिकर दुगुना तथा कही कही दुगुना से ज्यादा वृद्धि हो गयी। जिसका जनसामान्य पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। महापौर श्री यादव ने बढ़ी दर के आधार पर इस वर्ष जिन लोगो के सम्पत्तिकर में डबल से ज्यादा वृद्धि हुई उन लोगो जानकारी दी। संज्ञान में उक्त विषय आने पर महापौर श्री यादव ने आज महापौर परिषद की बैठक आहुत कर जनसामान्य को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से मुक्त करने एवं निकाय की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने को ध्यान में रखते हुऐ. पुर्नविचार कर सम्पत्तिकर के दर में संशोधन किया।
बढ़ी हुई दरों पर इस तरह हुआ संशोधन
महापौर ने बताया कि पूर्व वित्तीय वर्ष 2025-26 के दरों में निम्नानुसार संशोधन कर वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु लिये जाने वाले सम्पत्तिकर का सुधार करने का निर्देशित किया है। जिसके आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में खुली भूमि एवं आवासीय सम्पत्ति पर दर 10 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार पर व्यवसायिक/औद्योगिक सम्पत्ति पर सम्पत्तिकर 20 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया। अर्थात यदि किसी आवासीय सम्पत्ति पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में सम्पत्तिकर 2 हजार रूपये लग रहा है, जो नई बढ़ी दर से कई क्षेत्रों में 4 हजार से 5 हजार हो रहा था उसे कम कर 10 प्रतिशत के आधार पर इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में सम्पत्तिकर 2 हजार में 2 सौ रूपये वृद्धि कर 2 हजार 2 सौ रूपये लिया जावेगा। इस प्रकार 3 हजार रूपये कम करने का प्रयास किया गया। इसी प्रकार खुली भूमि में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सम्पत्तिकर 1 हजार रूपये लग रहा है तो उसे इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में सम्पत्तिकर 1 हजार 1 सौ रूपये लगेगा एवं व्यवसायिक / औधोगिक सम्पत्ति वित्तीय वर्ष 2025-26 में सम्पत्तिकर 30 हजार रूपये लग रहा है तो उसे इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में सम्पत्तिकर 30 हजार 6 सौ रूपये लगेगा। इस प्रकार महापौर ने पुर्नविचार कर इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के सम्पत्तिकर में 10 प्रतिशत एवं 20 प्रतिशत दर में वृद्धि कर भार को कम करने का प्रयास किया है।

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