प्रशासन ने खाली कराए जर्जर सरकारी आवास, कलेक्टर ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश
राजनांदगांव (दावा)। शहर के प्रतिष्ठित महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला परिसर में वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों पर प्रशासन का डंडा चला है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही अब स्कूल के नवीन भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। जिससे आगामी सत्र में छात्राओं को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
नोटिस के बाद भी खाली नहीं कर रहे थे आवास
मिली जानकारी के अनुसार स्कूल परिसर में स्थित अत्यंत पुराने और जर्जर शासकीय आवासों पर कुछ कर्मचारी लंबे समय से अवैध रूप से काबिज थे। प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद उन्होंने कब्जा नहीं छोड़ा था। अंतत: प्रशासन ने 10 दिनों का अंतिम नोटिस जारी किया और समय-सीमा समाप्त होने पर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई की।
1.21 करोड़ की लागत से बनेगा नया परिसर
अतिक्रमण हटने के बाद कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने स्वयं स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नवीन स्कूल भवन के निर्माण के लिए 121.16 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि समय पर भवन तैयार हो सके।
छात्राओं को मिलेगी राहत
महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल जिले का एक महत्वपूर्ण और पुराना शिक्षण संस्थान है। वर्तमान में जगह की कमी और जर्जर व्यवस्थाओं के कारण छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई के लाभ निम्नलिखित होंगे। जिसमें विद्यार्थियों को सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा टलेगा। स्कूल को अपनी पूरी भूमि वापस मिलने से खेल एवं अन्य गतिविधियों का विस्तार होगा।
अवैध कब्जाधारियों को सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय भूमि या संपत्तियों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों और सरकारी जमीनों पर भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



