अवैध शराब की शिकायत पर शुरू हुआ विवाद, कांग्रेसी नेता पर नशे में होने का आरोप लगाने पर भडक़े कार्यकर्ता
डोंगरगांव (दावा)। मंगलवार को डोंगरगांव थाना परिसर उस समय अखाड़ा बन गया जब अवैध शराब की शिकायत को लेकर यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी और ट्रेनी आईपीएस अधिकारी आमने-सामने आ गए। लगभग दो घंटे तक चले इस हंगामे में आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चला। मामला तब शांत हुआ जब लंबी बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह हुई।
विवाद की जड़ : शिकायतकर्ता को ही उठाने पहुंची पुलिस
यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष लीलेश पटेल ने आरोप लगाया कि उन्होंने ग्राम आरी में हो रही अवैध शराब की बिक्री की शिकायत ट्रेनी आईपीएस आदित्य कुमार से फोन पर की थी। आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय आईपीएस ने उन पर ही नशे में होने और बार-बार फोन कर परेशान करने का अनर्गल आरोप लगा दिया। लीलेश पटेल ने बताया, “5 मई की सुबह मुझे किसी अपराधी की तरह उठाने के लिए गांव में पुलिस की गाड़ी भेजी गई। जिससे मैं काफी आहत हुआ। क्या अवैध शराब की शिकायत करना अपराध है?
थाने का घेराव और मुलाहिजा की मांग
इस घटना की जानकारी मिलते ही दोपहर में बीसीसी अध्यक्ष टिकेश साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने ट्रेनी आईपीएस के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए जमकर नारेबाजी की। हंगामा उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेसियों ने शराब के नशे में बात करने के आरोप को लेकर आईपीएस से मुलाहिजा (मेडिकल जांच) कराने की मांग कर दी। हालांकि आईपीएस आदित्य कुमार अपनी बात पर अड़े रहे और उन्होंने अभद्रता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
सुलह के बाद थमा मामला
काफी देर तक चले गतिरोध और वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद अंतत: ट्रेनी आईपीएस और कांग्रेसियों के बीच बातचीत हुई। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष टिकेश साहू ने दावा किया कि अधिकारी द्वारा अपनी गलती स्वीकार करने के बाद मामला शांत हुआ। दूसरी ओर इस पूरे घटनाक्रम और विवाद को लेकर ट्रेनी आईपीएस व थाना प्रभारी आदित्य कुमार ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और कुछ भी कहने से बचते नजर आए।



