ट्रैफिक चेकिंग के दौरान यातायात प्रभारी नवरतन कश्यप की सूझबूझ ने बचाया, मिर्च स्प्रे दिखाकर दी गई थी जान से मारने की धमकी
राजनांदगांव (दावा)। शहर में मंगलवार 5 अप्रैल को एक बड़ी घटना का अमंगल होते-होते बचा। जिले में महिला समूह के माध्यम से देश भर चर्चित होकर पद्मश्री सम्मान से सम्मानित होने वाली श्रीमती फूलबासन बाई यादव अपहरण का शिकार होते बाल-बाल बच गई। यह पद्मश्री फुलबासन का सौभाग्य कहा जाना चाहिए कि उनके मुंह को बांध कर तथा स्कार्पियो वाहन में बिठा कर न जाने कहां ले जा रहे आरोपी, यातायात प्रभारी नवरतन कश्यप के नजरों से बच कर न जाने सके।
श्री कश्यप ने उक्त स्कार्पियों वाहन को गठुला नाला के पास लगे चेकिंग पाइंट पर रोक लिया गया। गाड़ी के रुकते हि फूलबासन द्वारा अपना मुंह छुड़ाकर जोर से चिल्लाने के बाद पुलिस की उस पर नजर गई और उसे अपहरण कर्ताओ के कब्जे से छुड़ाया गया। इस पर यह कहा जा सकता है कि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में सजग और सतर्क पुलिस एक बड़ा गंभीर अपराध घटित होने के पहले ही उसे विफल करने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। पुलिस द्वारा तत्परता, सक्रियता एवं प्रभावी पुलिसिंग का प्रदर्शन करते हुए पद्मश्री श्रीमती फुलबासन देवी अपहरण की गंभीर घटना को समय रहते विफल कर पीडिता को सुरक्षित मुक्त कराया गया। बताया जाता है कि यातायात प्रभारी नवरतन कश्यप को उनके इस साहसिक कार्य के लिए पुलिस महानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक द्वारा उचित पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इससे पुलिस महकमे में हर्ष देखा जा रहा है।
ट्रैफिक चेकिंग के दौरान निष्फल हुई अपहरण की घटना
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा ली गई प्रेस वार्ता में बताया गया कि 5 मई मंगलवार को लगभग प्रात: 11 बजे गठुला रोड क्षेत्र में ट्रैफिक निरीक्षक नवरत्न कश्यप, आरक्षक कपिल श्रीवास्तव, आरक्षक सुखदेव साहू एवं उनकी टीम द्वारा नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान संदिग्ध दिखने पर एक स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक सीजी 08 जेड 2334 को रोका गया। वाहन की जांच के दौरान पीछे बैठी एक महिला की स्थिति असामान्य और संदिग्ध प्रतीत हुई। पूछताछ करने पर वाहन में सवार व्यक्तियों द्वारा महिला को मिर्गी का मरीज बताते हुए पुलिस को गुमराह करने का हरसंभव प्रयास किया गया, किन्तु पुलिस टीम की सतर्कता एवं संवेदन शीलता अनुभव के चलते स्थिति को भांप कर तुरंत गंभीरता से पूछताछ किया गया।
मिर्च स्प्रे दिखाकर जान से मारने की धमकी
इसी दौरान महिला द्वारा साहस दिखाते हुए पुलिस टीम को सहायता हेतु इशारा किया गया। तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सभी व्यक्तियों को वाहन से नीचे उतरवाकर बारीकी से पूछताछ की गई। जांच में महिला की पहचान पद्मश्री श्रीमती फुलबासन यादव निवासी ग्राम सुकुलदैहान के रूप में हुई। जिन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा उन्हें बहला-फुसलाकर वाहन में बैठाया गया एवं जबरन ले जाया जा रहा था। महिला ने यह भी बताया कि आरोपियों द्वारा उन्हें धमकाते हुए मिर्च स्प्रे दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई तथा महिला समूह एवं अन्य कार्यों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई एवं सजगता के कारण पीडिता को सुरक्षित मुक्त कराया जा सका। पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा अपराध कारित करना स्वीकार किया गया। आरोपियों के कथन अनुसार गवाहों के समक्ष मेमोरेंडम लिया गया। आरोपी खुशबू साहू की निशानदेही पर 1 नग मिर्ची स्प्रे एवं मोबाइल जप्त किया गया तथा आरोपी दिनेश बंजारे के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन एवं 1 मोबाइल जप्त किया गया। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पुलिस के हत्थे चढ़े पांच अपहरणकर्ता
प्रेस वार्ता में बताया गया है कि उक्त मामले में पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों के खिलाफ धारा 140 (1), 140 (3), 351(3), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लगाई गई है। इसमें पद्मश्री फुलबासन का अपहरण करने वालों में प्रमुखत: खुशबू साहू पिता अरूण साहू उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम भिंभौरी पो. बेरला जिला बेमेतरा, सलोनी महेश्वरी पिता अरूण महेश्वरी निवासी ग्राम नेवनारा पो. हसदा थाना बेरला जिला बेमेतरा, दिनेश बंजारे पिता स्व. कम्मल बंजारे उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम नयाढाबा वार्ड नं. 14 पो. भिंभोरी थाना बेरला जिला बेमेतरा व गोपाल खेलवार पिता संतोष खेलवार उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम पथरिया वार्ड नं. 2 पो. मेडेसरा थाना अहिवारा तहसील धमधा जिला दुर्ग एवं चिनक राम साहू पिता मन्नूलाल साहू उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम रताम बहेरा थाना एवं तहसील बेरला जिला बेमेतरा शामिल है। जिन्हें न्यायालय में पेश कर जेल की सीखचों के पीछे भेज दिया गया है।
सरकारी फंड हड़पने का झूठा आरोप
मिली जानकारी के अनुसार पद्मश्री फुलबासन बाई का अपहरण के पीछे मुख्य आरोपी खुशबू की उनकी जगह लेने की चाह थी। वह श्रीमती फूलबासन बाई के संगठन से कुछ महीने पहले ही जुड़ी थी और फुलवासन बाई पर सरकारी फंड हड़पने का झूठा आरोप लगा रही थी। इसके लिए उन्होंने अपने साथियों के साथ फुलवासन के साथ सेल्फी लेने व उनका जन्म दिन मनाने केक काटने के लिए कहीं अन्य स्थान पर ले जाने की योजना बनाई गई थी। वहां ले जाकर फुलवासन बाई के साथ आरोपी लोग क्या करते यह रहस्य बना हुआ है। बहरहाल यातायात पुलिस की सतर्कता सजगता और सूझबूझ के चलते पद्मश्री फुलबासन बाई यादव सुरक्षित बच गई। इसके लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया है।



