डोंगरगांव | राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माईनिंग अधिकारी बनकर ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, जिसने पूछताछ के दौरान खुद को पत्रकार बताया है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है।
डरा-धमकाकर की थी 10 हजार की मांग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम दर्री निवासी ट्रांसपोर्टर रामसिंह राजपूत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह आमगांव में खेत मरम्मत और मिट्टी समतलीकरण का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान सफेद रंग की स्विफ्ट कार (CG 04 PN 1413) में सवार होकर तीन लोग मौके पर पहुंचे।
आरोपियों ने खुद को माईनिंग विभाग का अधिकारी बताते हुए काम रुकवा दिया और अवैध खनन का आरोप लगाकर कार्यवाही की धमकी दी। उन्होंने मामले को रफा-दफा करने के लिए 10,000 रुपये की मांग की। डर के मारे पीड़ित ने आरोपियों के मोबाइल नंबर पर 6,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
शिकायत मिलते ही डोंगरगांव पुलिस हरकत में आई। प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार और थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों का पीछा किया और कुमरदा पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान के रूप में हुई है।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204, 308(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर सहित पूरी डोंगरगांव टीम की अहम भूमिका रही।
- राजनांदगांव पुलिस की अपील: “शासकीय अधिकारी बनकर वसूली करने वाले जालसाजों से सावधान रहें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह से डराता-धमकाता है, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”



