राजनांदगांव। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र मनगटा स्थित एक निजी रिसॉर्ट में बीती रात प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। रिसॉर्ट के स्विमिंग पूल परिसर में सजावट के लिए लगाई गई लाइटिंग में करंट उतरने से वहां मौजूद एक 13 वर्षीय बालक उसकी चपेट में आ गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और रिसॉर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
देर रात हुआ हादसा, मौके पर मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे की है। बताया जा रहा है कि बालक अपने परिवार के साथ रिसॉर्ट में रुका हुआ था। स्विमिंग पूल के किनारे बिजली की झालरें और डेकोरेटिव लाइट्स लगी हुई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिजली के तारों में संभवतः शॉर्ट सर्किट या कट होने के कारण करंट पूरे क्षेत्र में फैल गया। बालक जैसे ही उस हिस्से के संपर्क में आया, वह बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी
मनगटा और आसपास के क्षेत्रों में संचालित रिसॉर्ट्स में अक्सर सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर सजावट की जाती है। विशेषकर स्विमिंग पूल जैसे संवेदनशील स्थानों पर जहाँ पानी और बिजली का सीधा संपर्क होने का खतरा रहता है, वहां उचित ‘अर्थिंग’ और इंसुलेशन की कमी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रबंधन ने समय रहते तारों की जांच की होती, तो यह अनहोनी टाली जा सकती थी।
पुलिस और प्रशासन की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। विद्युत विभाग के विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि करंट फैलने का मुख्य कारण क्या था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में रिसॉर्ट प्रबंधन की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में आक्रोश, सुरक्षा ऑडिट की मांग
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भारी रोष है। मांग की जा रही है कि जिले के सभी पिकनिक स्पॉट और रिसॉर्ट्स का तत्काल ‘सेफ्टी ऑडिट’ कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।



