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सोसायटी का 780 क्विंटल धान बेचने और तौल में अधिक धान लेने के आरोप से घिरे समिति प्रबंधक का एक और कारनामा…

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० समिति प्रबंधक के तानाशाही रवैये से किसानों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है खाद
० खाद की कमी से किसान परेशान : ग्रामीणों ने समिति प्रबंधक पर लगाया मनमानी का आरोप, सख्त कार्रवाई की मांग
० मामला – बेलगांव समिति प्रबंधक दिनेश सेन द्वारा किसानों को मिलने वाले खाद में कटौती करने का

डोंगरगढ़ (दावा)। सेवा सहकारी समिति बेलगांव क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने से किसान परेशान हैं।किसानों ने समिति प्रबंधक पर खाद वितरण में मनमानी करने का आरोप लगाया है। किसानों को समय पर खाद, बीज और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। लेकिन कई बार जमीनी स्तर पर कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही तथा मनमानी के चलते शासन की मंशा पर सवाल खड़े होने लगते हैं।

समिति प्रबंधक द्वारा पीडि़त किसानों ने समिति प्रबंधक पर खाद वितरण में मनमानी करने और शासन के निर्देशों का सही पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।किसानों का कहना है कि पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें आवश्यकता अनुसार खाद नहीं दी जा रही, जिससे वे परेशान होकर बाजार का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।

किसानों को नहीं मिल रहा यूरिया
खेती का सीजन शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में किसान डीएपी और यूरिया लेने समिति पहुंच रहे हैं। लेकिन किसानों का आरोप है कि उन्हें आवश्यकता और मानक के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।किसानों का कहना है कि बेहतर फसल उत्पादन के लिए प्रति एकड़ कम से कम एक से दो बोरी डीएपी और यूरिया की आवश्यकता होती है, लेकिन समिति में उन्हें दो, तीन या चार एकड़ के हिसाब से केवल एक-एक बोरी खाद दी जा रही है। इससे किसानों के सामने खेती की लागत बढऩे और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।

प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया और डीएपी दिया जाना है – बैंक मैनेजर
डोंगरगढ़ स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा में पदस्थ बैंक मैनेजर योगेंद्र शर्मा ने स्पष्ट रूप से बताया कि शासन और कृषि विभाग के निर्देशानुसार शुरुआती चरण में प्रति एकड़ किसानों को एक बोरी डीएपी और एक बोरी यूरिया दिया जाना तय है। खाद की किसी प्रकार की कमी नहीं है। यदि समिति स्तर पर शासन के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो यह गंभीर लापरवाही है और इसकी जांच होनी चाहिए।

समिति प्रबंधक ने जवाब देने से किया इंकार
इस पूरे मामले में समिति प्रबंधक दिनेश सेन से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका गैर जिम्मेदाराना रवैया कैमरे में कैद हुआ। उन्होंने ऑन कैमरा कोई स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया।
780 क्विंटल धान सहित धान खरीदी में किसानों से तौल में अधिक धान लेने का प्रकरण विचाराधीन –
प्राप्त जानकारी के अनुसार बेलगांव समिति के निवर्तमान समिति प्रबंधक धनाराम चंद्रवंशी द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई है कि वर्तमान समिति प्रबंधक दिनेश कुमार सेन द्वारा सोसाइटी में बचत धान 780 क्विंटल को उनके बिना जानकारी के बाजार में बेच दिया गया था। जिसकी जानकारी सोसाइटी में पदस्थ चौकीदारो द्वारा उन्हें दी गई थी। इसके अलावा समिति प्रबंधक श्री सेन पर आरोप है कि, वर्ष 2025 – 26 के दौरान धान खरीदी में समिति प्रबंधक के निर्देश पर नियुक्त किए हमालो द्वारा ऑडियो – वीडियो रिकॉर्डिंग में बताया गया कि किसानों से एक बोरी में निर्धारित 40 किलो के स्थान पर 42 किलो से अधिक धान लिया जा रहा है। जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी, किंतु समिति प्रबंधक का इतना प्रभाव है कि अधिकारी उसके खिलाफ में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से परहेज कर रहे हैं।

निष्पक्ष जांच हेतु समिति प्रबंधक का बेलगांव समिति से हटना जरूरी
क्षेत्र के नाराज किसानों का कहना है कि,शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत की जांच तभी निष्पक्ष हो सकती है जब आरोपी समिति प्रबंधक को बेलगांव समिति प्रबंधक के पद से कार्य मुक्त किया जाएगा।

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