दल्ली राजहरा: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक दर्दनाक हादसे के बाद भिलाई स्टील प्लांट (BSP) प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार के दौरान मिट्टी धंसने से हुई तीन मजदूरों की मौत के मामले में बड़ी गाज गिरी है। लापरवाही बरतने के आरोप में BSP के डीजीएम (DGM) मंगेश सेलकर और एजीएम (AGM) सिविल रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र के फुटबॉल ग्राउंड स्थित ‘दास पान ठेला’ के सामने की है। यहाँ बीएसपी की सीवरेज पाइपलाइन विस्तार परियोजना के तहत गहरी खुदाई का काम चल रहा था। जेसीबी और चेन माउंट मशीन से खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिसमें वहां काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे में तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान किशुन कुमार (54), राकेश कुमार (28) और बैशाखिन (50) के रूप में हुई है। आरोप है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर मजदूरों को बिना हेलमेट, सेफ्टी गियर या बैरिकेडिंग के गहरे गड्ढे में उतारा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो इन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों का हंगामा और कार्रवाई
मजदूरों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने बीएसपी अस्पताल के सामने जमकर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। भारी दबाव और प्राथमिक जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद प्रबंधन ने दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
पुलिसिया कार्रवाई: पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



