गाडिय़ों को धूप, गर्मी, बारिश से बचाव के लिए सुरक्षा शेड नही, गर्मी में वाष्प बनकर उड़ जा रहा पेट्रोल
राजनांदगांव (दावा)। शहर से लगभग 5 कि.मी. दूर पेड्री स्थित मेडिकल कॉलेज हास्पीटल में बाहर से आने वाले मरीजों के परिजनों की बाहर रखी गाडिय़ों से बेजा वसूली का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस बेजा वसूली से त्रस्त लोगों ने शिकायत की है। लोगों का कहना है कि हम अपने बीमार परिजनों को अस्पताल से पांच-दस मिनट के लिए देखने आते हैं। इसलिए हम अपनी गाडिय़ों को धूप से बचाव के लिए अस्पताल परिसर के बजाय बाहर हरी-भरी झाडिय़ों के छांव के नीचे रख जाते हैं लेकिन पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी उससे भी किराया वसूल करते हैं।
इससे खासकर के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के परिजन परेशान हैं। ऐसे ही एक परिजन का कहना है कि, अस्पताल प्रबंधन व पार्किंग ठेकेदार द्वारा लोगों की गाडिय़ां रखने के लिए शेड युक्त सुरक्षित स्टैंड नहीं बनाया है। तेज धूप व भीषण गर्मी के बीच दोपहिया, चार पहिया वाहनों के पेट्रोल उड़ जाते हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पार्किंग ठेकेदार सायकल व दो पहिया वाहनों से 10 रुपए तथा चारपहिया वाहनों से 20 रुपए वसूल करता है। इसके लिए बकायदा रेट लिस्ट टांग रखी है। लेकिन गाडिय़ों की पार्किंग सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। इससे लोग अपनी गाडिय़ां पेड़ों के छांह में रख देते हैं जिससे वह गर्म भी नहीं होती,और तेज धूप व गर्मी में पेट्रोल भी नहीं उड़ता और सुरक्षित रहता है।
ठेकेदार के कर्मचारियों की बदसलूकी
मेडिकल कॉलेज हास्पीटल परिसर के बाहर अपनी गाड़ी रखने से ठेकेदार के कर्मचारी से किराया मांगने में हूज्जत करने से पीडि़त ग्रामीण राघो साहू ने बताया कि एक तो स्टैण्ड वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं तो किस बात का किराया मांगते हैं। विरोध करने पर पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी बदसलूकी करते हैं। नियम मुताबिक हास्पीटल परिसर में खड़े वाहनों का ही पार्किंग शुल्क वसूल किया जाना चाहिए लेकिन पाकिग ठेकेदार के कर्मचारी हास्पीटल परिसर के बाहर तक वसूली कर रहे हैं। ऐसे ही एक पीडि़त व्यक्ति जगदेव सिंह ने बताया कि हास्पीटल परिसर में खुले में ही किराया स्टैंड बना दिया गया है। लेकिन वर्षा, तेज धूप से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। इसलिए भीषण गर्मी के बीच खुले आसमान में तपने के लिए अपनी वाहनों को क्यों छोड़े। एक तो पैट्रोल वैसे ही महंगा है। तेज धूप और भीषण गर्मी मे खुले में रखे वाहनों से पेट्रोल वाष्प बन कर उड़ जाता है इससे लोगों की नुकसानी होती है। यदि पार्किंग ठेकेदार या अस्पताल प्रबंधन वाहनों रखने के लिए शेड की व्यवस्था कर सुरक्षा दे तो वाहन रखने का शुल्क देने में कोई आपत्ति नहीं होगी। वास्तव में ये पाकिंग किराया वसूली करने वाले अस्पताल में भर्ती मरीज को देखने, हाल- चाल पूछने वाले लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाते हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ देशकर व पीआरओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।



