उल्टी-दस्त के साथ कुछ बच्चों में पीलिया के भी लक्षण, स्वास्थ्य अमले ने लिया पानी का सैंपल, निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
राजनांदगांव (दावा)। शहर के बसंतपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजीव नगर (वार्ड क्रमांक 39) में नलों के माध्यम से आ रहे दूषित पेयजल ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। वार्ड में गंदा पानी पीने की वजह से 10 से 12 वर्ष की उम्र के करीब 10 बच्चे अचानक उल्टी-दस्त (डायरिया) के शिकार हो गए। बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही परिजनों में हडक़ंप मच गया और उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद 2 बच्चों को छुट्टी (डिस्चार्ज) दे दी गई है, जबकि शेष बच्चों की स्थिति पर नजर रखते हुए उनका इलाज जारी है।
डायरिया के साथ पीलिया की भी आशंका, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उपचाराधीन कुछ बच्चों की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उनमें पीलिया (जॉन्डिस) के शुरुआती लक्षण होने की आशंका भी जताई है।
जिससे वार्डवासियों की चिंता और बढ़ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग का अमला तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। प्रभावित इलाके में मेडिकल टीम भेजकर बीमारों की स्क्रीनिंग की जा रही है और प्रभावितों के स्वास्थ्य की सघन जांच कर सैंपल लिए जा रहे हैं।
पूर्व पार्षद ने की शिकायत, निगम की टीम ने जांच के लिए लिया पानी का सैंपल
इस गंभीर जनसमस्या को लेकर राजीव नगर के पूर्व पार्षद व कांग्रेस नेता ऋषि शास्त्री ने तत्काल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की। शिकायत के बाद हरकत में आई नगर निगम के जल विभाग की टीम ने आनन-फानन में वार्ड पहुंचकर नलों से आ रहे पानी का सैंपल लिया है, जिसे लैबोरेट्री जांच के लिए भेजा गया है।
पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें, फिर भी लापरवाही
स्थानीय सजग नागरिकों और पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी राजीव नगर इलाके में नलों के माध्यम से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई होने के कारण लोगों के बीमार होने की शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। बार-बार ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बावजूद नगर निगम के जल विभाग द्वारा पेयजल लाइनों के लीकेज और सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। अब एक बार फिर मासूम बच्चों की सेहत खिलवाड़ होने से नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली पर गंभीर उंगलियां उठने लगी हैं। वार्डवासियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की मांग की है।



