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क्रूरता करने वालों का निलंबन महज औपचारिक कार्रवाई, इतने बड़े अपराध की सजा सिर्फ बर्खास्तगी : जितेंद्र मुदलियार…

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सोमनी थाना कांड : उग्र कांग्रेसियों ने किया एसपी कार्यालय का घेराव; गेट पर धरने के बाद बाहर आईं एसपी अंकिता शर्मा
राजनांदगांव (दावा)। सोमनी थाने में 14 वर्षीय बीमार किशोरी के साथ हुई पुलिसिया कू्ररता और प्रताडऩा के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में मंगलवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का जोरदार घेराव किया। मुदलियार ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को केवल निलंबित कर प्रशासन अपनी औपचारिकता पूरी कर पल्ला झाड़ रहा है, जबकि इतने बड़े अपराध की सजा सिर्फ और सिर्फ बर्खास्तगी और जेल होनी चाहिए।

सिविल ड्रेस में आई महिला अफसर को छिपा रही पुलिस
एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जितेंद्र मुदलियार ने एक नया और संगीन आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना की रात एक अन्य महिला पुलिस अधिकारी भी सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में सोमनी थाने पहुंची थी। उन्होंने भी पीडित किशोरी के साथ बेहद अमानवीय और दुव्र्यवहार किया था, लेकिन पुलिस प्रशासन अब उस महिला अफसर को बचाने और मामले को छिपाने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ पोक्सो और किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।

नकली प्रेगनेंसी किट: भाजपा नेता के भाई और अफसरों पर हो एफआईआर
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग और सत्ताधारी दल के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए बिना जांचे-परखे घटिया या गलत परिणाम देने वाली गर्भ जांच किट खरीदी गई। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस किट की आपूर्ति एक रसूखदार भाजपा नेता के भाई द्वारा की गई थी। सत्ता का संरक्षण पाकर निजी मुनाफे के लिए भाजपा नेता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब मासूमों की सेहत और सामाजिक सम्मान से खिलवाड़ करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। किट खरीदने वाले अधिकारी और सप्लायर दोनों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

विधायक और दिग्गजों की चुप्पी पर उठाए सवाल
मुदलियार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को घेरते हुए कहा कि बेमेतरा में मुख्यमंत्री का स्वागत न होने पर अधिकारियों पर गुस्सा निकालने वाले स्थानीय विधायक डॉ. रमन सिंह अपने ही निर्वाचन जिले के इस अमानवीय सिस्टम पर मौन हैं और दोषियों को संरक्षण देते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रूह कंपा देने वाली घटना पर भी सत्ता पक्ष के सांसद, विधायक या महापौर ने प्रशासन से एक सवाल पूछना तक उचित नहीं समझा।

गेट पर ही धरने पर बैठे मुदलियार, बाहर आई एसपी
इससे पूर्व दोपहर 12 बजे भारी संख्या में कांग्रेसी सतनाम भवन से एकजुट होकर गृहमंत्री और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। जब चर्चा के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सामने आए तो आक्रोशित नेताओं ने उनसे बात करने से साफ इंकार कर दिया और सीधे पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग की। तीखी गहमागहमी के बीच अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार गेट पर ही धरने पर बैठ गए। जिसके बाद स्थिति को संभालने स्वयं एसपी अंकिता शर्मा को चर्चा के लिए बाहर आना पड़ा।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम
एसपी अंकिता शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए मुदलियार ने पूरी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी धाराओं में एफआईआर की मांग की। कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते दोषियों को जेल नहीं भेजा गया, तो सीधे पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कार्यालय और जिला कलेक्टोरेट का उग्र घेराव किया जाएगा। साथ ही भाजपा के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी सडक़ पर उतरकर मोर्चा खोला जाएगा। इस बड़े घेराव और प्रदर्शन में मुख्य रूप से मेहुल मारू, श्रीकिशन खंडेलवाल, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, रमेश राठौर, दिनेश शर्मा, भागवत साहू, रूपेश दुबे, विवेक वासनिक, कमलजीत सिंह पिंटू, संतोष पिल्ले, राकेश जोशी, रूबी गरचा, पप्पू धकेता, इकरामुद्दीन सोलंकी, रुबीना अल्वी, बृजेश श्यामकर, सुदेश देशमुख, माया शर्मा, रोशनी सिन्हा, शारदा तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, महिला विंग और युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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