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शहर में गंदे पानी की सप्लाई से बढ़ा खतरा, पीलिया और डायरिया फैलने की आशंका-अशोक फडऩवीस…

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0 निगम मस्ती की पाठशाला में मस्त, जनता को पीना पड़ रहा दूषित पानी
0 वाटर प्लांट से स्तरहीन जल आपूर्ति, समय पर नहीं भर रहीं पानी टंकियां
राजनांदगांव। शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक फडऩवीस ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निगम प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोडक़र मस्ती की पाठशाला में मस्त है जबकि शहर की जनता गंदा और अपर्याप्त पानी पीने को मजबूर है। श्री फडऩवीस ने कहा कि नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर के कई इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इससे डायरिया जैसी बीमारियों के मामले सामने आने लगे हैं और यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधारी गई तो पीलिया जैसी गंभीर बीमारी का प्रकोप भी फैल सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निगम प्रशासन को इस विषय को हल्के में नहीं लेना चाहिए, अन्यथा आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की पानी टंकियां समय पर नहीं भरी जा रही हैं जिसके कारण नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप जल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। कई मोहल्लों में पानी का दबाव कम है तो कहीं पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा। इससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्री फडऩवीस ने निगम प्रशासन द्वारा जनसंख्या वृद्धि को जल संकट का कारण बताने को पूरी तरह निराधार और कुतर्क करार दिया। उन्होंने कहा कि अमृत मिशन योजना बनाते समय ही यह दावा किया गया था कि यह परियोजना आने वाले 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और इससे शहर में पानी की कमी नहीं होगी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि योजना पूरी तरह सफल होने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है।

उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व ही शहर में सैकड़ों की संख्या में पीलिया के मरीज मिले थे। ऐसा कोई वार्ड नहीं बचा था जहां पीलिया के मरीज सामने न आए हों। उस समय भी जल गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे लेकिन निगम प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया। आज फिर वही हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने ने मांग की कि जल आपूर्ति विभाग वाटर प्लांट से सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करे और यह सुनिश्चित करे कि नागरिकों तक केवल स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल पहुंचे। उन्होंने कहा कि निगम का दायित्व जनता को बहाने बताना नहीं बल्कि उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करना है। श्री फडऩवीस ने निगम प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि समय रहते पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया टंकियों को समय पर नहीं भरा गया और दूषित जल आपूर्ति पर रोक नहीं लगाई गई तो शहर को एक बड़े स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। अशोक फडऩवीस ने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। नगर निगम को जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से जल गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए ताकि शहरवासियों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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