० अध्यक्ष सहित 4 वार्डों में मिली सफलता, पदम कोठारी के रणनीतिक प्रबंधन से चित हुए भाजपा के दिग्गज दिलीप पटेल
० संगठन की एकजुटता लाई रंग : विधायक हर्षिता, दलेश्वर, भुनेश्वर सहित दिग्गज नेताओं की जमीनी मेहनत से खिला हाथ
राजनांदगांव (दावा)। नवगठित घुमका नगर पंचायत के पहले ऐतिहासिक चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती जयकुमार वर्मा की शानदार जीत ने पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा व जबरदस्त उत्साह का संचार कर दिया है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों और कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह ऐतिहासिक सफलता फूलमती वर्मा की सहज, सरल और जनसरोकारों से जुड़ी छवि के साथ-साथ प्रदेश नेतृत्व की पुख्ता रणनीति और मैदानी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का सीधा प्रतिफल है।
दीपक बैज की और भूपेश बघेल की आमसभा का मिला सीधा लाभ
घुमका नगर पंचायत चुनाव को प्रदेश नेतृत्व ने कितनी गंभीरता से लिया था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने खुद कमान संभालते हुए लगातार संगठनात्मक बैठकें कीं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्षेत्र में एक विशाल आमसभा को संबोधित कर माहौल को पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में मोड़ दिया। शीर्ष नेतृत्व की इस सक्रियता का परिणाम यह रहा कि कांग्रेस न सिर्फ अध्यक्ष पद पर काबिज हुई। बल्कि नगर पंचायत के 4 महत्वपूर्ण वार्डों में भी पार्टी प्रत्याशियों ने परचम लहराया। वहीं पदम कोठारी के रणनीतिक प्रबंधन से भाजपा के दिग्गज दिलीप पटेल चुनाव में पराजित हुए।
नेताओं की फौज ने संभाला था मोर्चा, घर-घर पहुंचा हाथ
चुनाव प्रचार के दौरान जिला स्तर के शीर्ष नेताओं ने सुदूर वार्डों और बूथ स्तर तक पहुंचकर मोर्चा संभाला था। प्रचार अभियान की मुख्य कमान विधायक व घुमका चुनाव संयोजक दलेश्वर साहू, क्षेत्रीय विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, चुनाव पर्यवेक्षक रमेश डाकलिया, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विपिन यादव, शहर अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, पूर्व विधायक भुवनेश्वर बघेल, पूर्व मंत्री धनेश पाटिला, डॉ. थानेश्वर पाटिला, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, वरिष्ठ कांग्रेस नेताद्वय श्रीकिशन खंडेलवाल, चंद्रेश वर्मा और पदम कोठारी, पंकज बांधव जैसे दिग्गजों के हाथों में थी।
आगामी चुनावों के लिए संजीवनी बनेगी यह जीत
मुख्य चुनाव पर्यवेक्षक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश डाकलिया ने कहा है कि घुमका नगर पंचायत की यह जीत केवल एक प्रत्याशी की नहीं, बल्कि समूचे कांग्रेस संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं के पसीने की जीत है। कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का विषय मानकर काम किया। जिससे बूथ स्तर पर बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। नेताओं ने विश्वास जताया कि सुदूर वनांचल और ग्रामीण परिवेश से जुड़े इस नवगठित निकाय में मिली यह शानदार जीत आगामी स्थानीय और बड़े चुनावों के लिए पार्टी में एक मजबूत संजीवनी का काम करेगी।



