० आधी बिजली और मनमाना बिल थोप रही ट्रिपल इंजन सरकार
० मठपारा बिजली ऑफिस के सामने कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
राजनांदगांव (दावा)। बिजली की दरों में की गई बेतहाशा वृद्धि के विरोध में शहर एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में बुधवार को मठपारा स्थित बिजली कंपनी के डिवीजन कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने बढ़ी हुई दरों को आम जनता पर बिजली का करंट करार देते हुए साय सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्यों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर बढ़े हुए दाम तत्काल वापस लेने की मांग की।
मोर बिजली ऐप और मैनुअल बिल में बड़ी विसंगति : मुदलियार
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार मध्यम और गरीब वर्ग पर महंगाई का बोझ लाद रही है। घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और किसानों पर बिजली दरें थोपकर सरकार ने सीधे जनता की जेब पर डाका डाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ मनमाने बिल थमाए जा रहे हैं। खरीफ सीजन के ठीक पहले किसानों पर कृषि विद्युत दर बढ़ाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
14 गोवंशों की मौत पर नहीं हुई कार्रवाई
जितेंद्र मुदलियार ने बिजली विभाग के मेंटेनेंस को केवल खानापूर्ति बताते हुए कहा कि हल्की हवा-बारिश में पोल गिर रहे हैं। उन्होंने सिंगदई क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से 14 गोवंशों की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी किसी अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की गई। इसके अलावा मोर बिजली ऐप में कम यूनिट और मैनुअल बिल में अधिक खपत दिखाकर जनता को लूटा जा रहा है। कांग्रेस इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
पूंजीपतियों की रक्षा कर रही सरकार : विपिन यादव
ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन तो केवल एक शुरुआत है। भाजपा सरकार आम नागरिकों, किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं से पूरी तरह बेपरवाह बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की यह ट्रिपल इंजन सरकार केवल पूंजीपतियों के हितों की रक्षा करने में व्यस्त है, जबकि आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सडक़ों पर संघर्ष करेगी और इसे एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देगी। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दरें वापस नहीं हुईं, तो वार्ड-वार्ड और गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
इस बड़े प्रदर्शन के दौरान पूर्व ऊर्जा मंत्री धनेश पाटिला, श्रीकिशन खंडेलवाल, आफताब आलम, मेहुल मारू, रूपेश दुबे, विवेक वासनिक, भागवत साहू, पदम कोठारी, राकेश जोशी, रूबी गरचा, पप्पू धकेता, कमलजीत सिंग पिंटू, मामराज अग्रवाल, रमेश डाकलिया, अशोक पंजवानी, सूर्यकांत जैन, लक्ष्मण साहू, रोहित चंद्राकर, माया शर्मा, कुसुम दुबे, विनय झा, मनीष गौतम, वीरेन्द्र चंद्राकर, राकेश चंद्राकर, देवेश वैष्णव, पंकज बांधव, पूर्णिमा नगदेवे, अनीस खान, ललित मरकाम, राजा तिवारी, मनीष साहू, ऋषि शास्त्री, भागचंद साहू, प्रतिमा बंजारे, अवधेश प्रजापति, आशीष साहू, ललित कुमरे, मधुकर बंजारे, रज्जू जॉन, अभिमन्यु मिश्रा, शरद खंडेलवाल, गजेन्द्र सिंह राजपूत, चुम्मन साहू, दुष्यन्त चंद्राकर, अमर झा, गोलू नायक, शेखर वैष्णव, डॉ. राकेश कुमार, गोलू महानंद, पिंकू खान, अंकेश बाफना, राजेश चौहान, मोहन साहू, अमित जंघेल, गोपी रजक, गोलू ढीमर, जय जायसवाल, विप्लव शर्मा, विशु आजमानी, अमित खंडेलवाल, तामेश्वर बंजारे, राहुल बांडे, हर्ष खोबरागढ़े, संजय साहू, मुस्तफा जोया, संदीप सोनी, दुरेंद्र वैष्णव, निश्चय बुराडे, हरि नेताम, लक्ष्मी साहू, सुरेंद्र देवांगन, सागर ताम्रकर, अंशुल श्रीवास्तव, आर्यन साहू, केशव साहू, राजकुमार गुप्ता, चेतन सिन्हा, शिव देवांगन, शीतल साहू और राजू साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद थे।



