महापौर ने ली विद्युत मण्डल के अधिकारियों की बैठक, बिजली संकट दूर करने के दिए कड़े निर्देश
राजनांदगांव (दावा)। नगर पालिक निगम के महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा की उपस्थिति में विद्युत मण्डल के आला अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रहे अघोषित विद्युत अवरोध (बिजली कटौती), वार्डों की जर्जर व्यवस्था तथा मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के प्रगति कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, विद्युत विभाग के प्रभारी सदस्य सुनील साहू एवं लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बारिश को देखते हुए व्यवस्था करें दुरुस्त
महापौर मधुसूदन यादव ने हाल ही में बसंतपुर क्षेत्र में घंटों बिजली गुल रहने की घटना पर अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बिजली बंद होने पर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पनप रहा है। जनता से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि फॉल्ट होने पर विद्युत मण्डल के अधिकारी-कर्मचारी समय पर मौके पर उपस्थित नहीं होते और न ही जल्द सुधार कार्य करते हैं। महापौर ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मानसून को देखते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की विद्युत लाइनों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने रोया रोना : 22 फिटर और सीमित स्टाफ के भरोसे पूरा संभाग
बिजली बंद रहने के तकनीकी और व्यावहारिक कारणों की जानकारी देते हुए विद्युत मण्डल के कार्यपालन अभियंता शैलेंद्र पाण्डे ने बताया कि संभाग में लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं और नई भर्ती नहीं होने के कारण केवल 20-22 फिटर के भरोसे सीमित संसाधनों में काम करना पड़ रहा है। वर्तमान में संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे मैदानी स्तर पर काम करने वाली विद्युत गैंग की भारी कमी हो गई है। आंधी-तूफान आते ही पुरानी लाइनों के कारण एक साथ कई फीडरों से शिकायतें आती हैं। सीमित स्टाफ होने की वजह से एक फॉल्ट सुधार कर दूसरे स्थान तक पहुंचने में तकनीकी टीम को समय लग जाता है। उन्होंने बताया कि गैंग बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
गणेशोत्सव मार्ग और दिन में जलने वाली लाइटों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों की प्रतिलिपि निगम को उपलब्ध कराएं, ताकि उस पर उच्च स्तर पर पैरवी की जा सके। इसके अलावा उन्होंने शहर के कई इलाकों में दिन के समय भी स्ट्रीट लाइटें जलने की आ रही शिकायतों को तुरंत दूर करने को कहा। उन्होंने सुशासन तिहार में आए आवेदनों के त्वरित निराकरण और आगामी गणेश पर्व को ध्यान में रखते हुए झांकी निकलने वाले सभी प्रमुख मार्गों की विद्युत व्यवस्था को अभी से दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
आउटर के वार्डों से शुरू करें काम, सडक़ पर न लगाएं ट्रांसफार्मर : आयुक्त
बैठक में निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत पोल शिफ्टिंग, नए पोल लगाने, जर्जर पोल व तार बदलने और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य शहर के बाहरी (आउटर) वार्डों से प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। यदि कार्य में कहीं कोई स्थानीय आपत्ति आती है, तो तत्काल महापौर को अवगत कराएं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निजी भवन या संस्था की मांग पर ट्रांसफार्मर सडक़ पर न लगाया जाए, जिससे यातायात बाधित हो या दुर्घटना की आशंका बने। ट्रांसफार्मर लगाने की पूर्व सूचना निगम को देना अनिवार्य होगा। उन्होंने निगम क्षेत्र के अनुपयोगी मीटरों को बंद करने के प्रस्ताव पर भी तत्काल कार्रवाई करने को कहा। विद्युत संकट के समाधान के लिए बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन अभियंता प्रणय मेश्राम, विद्युत मण्डल के सहायक अभियंता आर.के. मण्डावी व हिमांशु भुमार्य, सहायक अभियंता (ग्रामीण जोन) प्रकाश नारायण वर्मा, सोमनी जोन के राजेंद्र साहू सहित विभिन्न क्षेत्रों के कनिष्ठ अभियंता (जेई) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



