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सूने मकान में धावा बोलकर लाखों की चोरी करने वाले संगठित गिरोह के बदमाश पुलिस गिरफ्त में…

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दो आरोपियों सहित तीन बार का शातिर ‘अपचारी बालक’ गिरफ्तार, कटर और धारदार चाकू समेत माल बरामद

डोंगरगांव (दावा)। थाना क्षेत्र के ग्राम राजा खुज्जी में एक सूने मकान का ताला तोडक़र लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी पार करने वाले एक अंतर-जिला संगठित चोर गिरोह का डोंगरगांव पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक (अपचारी बालक) को घेराबंदी कर धर दबोचा है। पकड़े गए शातिर चोरों के कब्जे से शत-प्रतिशत चोरी गए जेवरात, नगदी रकम और वारदात में प्रयुक्त धारदार हथियार बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर है और पूर्व में पड़ोसी जिले बालोद में भी कई बड़ी चोरियों को अंजाम दे चुका है।

विशाखापट्टनम घूमने गया था परिवार, पीछे से साफ कर दिया हाथ
थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगावकर ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि गत दिनों ग्राम खुज्जी (वार्ड नंबर 01) निवासी रूपेन्द्र कुमार साहू पिता इंद्रमन साहू 40 वर्ष ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी 6 जून को अपने परिवार के साथ विशाखापट्टनम घूमने गए थे। जब वे 9 जून को वापस लौटे, तो देखा कि उनके मकान के मुख्य चैनल गेट और अंदर की आलमारी का लॉक टूटा हुआ था। आलमारी के लॉकर में रखे सोने और चांदी के जेवरात, जिनकी कुल कीमत लगभग 1,95,000 रुपए थी, गायब थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर डोंगरगांव पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की थी।

डॉग स्क्वाड और साइबर सेल की मदद से खंगाले सीसीटीवी, ऐसे मिला सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस एसपी सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर एएसपी कीर्तन राठौर और सीएसपी श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर डॉग स्क्वाड, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और साइबर सेल की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जब क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया, तो पुलिस को सूचना मिली कि बोधितोला देवार बस्ती का एक युवक अचानक शराब और अन्य व्यसनों पर पानी की तरह पैसा बहा रहा है। संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर पूरी कडिय़ां जुड़ती चली गईं।

भागते हुए बदमाशों को पुलिस ने दौड़ाकर अटल चौक पर दबोचा
पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि चोरी के अन्य मुख्य आरोपी 30 जून को क्षेत्र से भागने की फिराक में हैं। इस पर डोंगरगांव पुलिस ने तत्काल जाल बिछाकर अटल चौक के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी और अपचारी बालक भागने लगे, जिन्हें मुस्तैद जवानों ने दौड़ाकर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में जगेसर मरकाम पिता कमिशन मरकाम उम्र 40 वर्ष, निवासी बोधितोला डोंगरगांव (गिरोह का मास्टरमाइंड) व दीप सिंह मरकाम उर्फ मुसुवा पिता दिलीप सिंह उम्र 20 वर्ष, निवासी नया बस स्टैंड डोंगरगांव है।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि मुख्य आरोपी जगेसर मरकाम ने चोरी से पहले सभी की एक गुप्त मीटिंग बुलाई थी। जगेसर ने उनसे कहा था कि बहुत दिनों से कोई बड़ा हाथ नहीं मारे हो, अब कुछ बड़ा काम करो। योजना के तहत वे खुज्जी रोड पर सूने मकान की रेकी करने निकले और कबीर वेल्डिंग वाले (प्रार्थी) के सूने घर को निशाना बनाया। अपचारी बालक ने गैती से ग्रिल का ताला तोड़ा, जबकि अन्य साथी बाहर खड़े होकर रखवाली (रेकी) कर रहे थे।

विरोध करने पर मर्डर की थी तैयारी, बीएनएस की धाराओं में जेल
चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि वारदात के समय अपचारी बालक अपने साथ एक बेहद धारदार चाकू लेकर घर में घुसा था। आरोपियों की योजना थी कि यदि चोरी के दौरान घर का कोई सदस्य या पड़ोसी आ जाता, तो वे चाकू से उसका काम तमाम (हत्या) कर देते। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 सोने की पत्ती वाला मंगलसूत्र, 3 चांदी के सिक्के, 1 चांदी की गणेश मूर्ति, 1 लक्ष्मी मूर्ति, 5 जोड़ी बिछिया, 1 जोड़ी पायल और 18,000 रुपए नगद समेत हथियार जप्त किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए), 112, 331(5), 238, 61, 3(5) एवं 25 आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी रहटगावकर ने बताया कि पकड़ा गया अपचारी बालक आदतन अपराधी है और यह उसका तीसरा बड़ा अपराध है। संगठित गिरोह के रूप में अपराध करने के कारण पुलिस ने इस मामले में संगठित अपराध की गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं।

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