राजनांदगांव (दावा)। रायपुर के ग्राम नकटी में 85 गरीब परिवारों के आशियाने पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर किए जाने की घटना के विरोध में शनिवार को शहर एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने जयस्तंभ चौक पर जोरदार प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने चारों ओर से घेराबंदी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई। फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ता अपने विरोध कार्यक्रम को पूरा करने में सफल रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान ‘गरीब विरोधी सरकार मुर्दाबाद’, ‘भाजपा सरकार होश में आओ’ और ‘मुख्यमंत्री जवाब दो’ जैसे नारों से जय स्तंभ चौक गूंजता रहा।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि मूसलाधार बारिश के बीच गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाना भाजपा सरकार की असली कार्यशैली को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि रायपुर से लेकर बस्तर, सरगुजा, रायगढ़ और राजनांदगांव तक प्रदेश में बुलडोजर की राजनीति की जा रही है। कांग्रेस गरीबों के घर उजाडक़र विकास की पक्षधर नहीं है और इस अन्याय का हर स्तर पर विरोध करेगी। भाजपा सरकार जिस कार्रवाई को सुशासन बता रही है। वह वास्तव में गरीबों के अधिकारों का दमन है। मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों के सामने उनके घर ढहा देना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए कलंक है।
ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि नकटी में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बेघर करना सरकार की अमानवीय सोच का प्रमाण है। गरीबों के आशियाने उजाडक़र पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना भाजपा सरकार की नीति बन गई है। कांग्रेस प्रभावित परिवारों के न्याय और सम्मानजनक पुनर्वास तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस इस तरह की अमानवीय और दमनकारी नीतियों का गांव-गांव और शहर-शहर विरोध करती रहेगी तथा गरीबों के हक की लड़ाई सडक़ से सदन तक मजबूती से लड़ेगी।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गरीबों के पुनर्वास और न्याय के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नकटी के प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए सरकार से कार्रवाई वापस लेने तथा विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास देने की मांग की। इस दौरान विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, पूर्व मंत्री धनेश पाटिला, पूर्व विधायक छन्नी साहू, जिपं सदस्य महेन्द्र यादव, श्रीकिशन खंडेलवाल, रमेश राठौर, पदम कोठारी, भागवत साहू, कुलबीर छाबड़ा, दिनेश शर्मा, संतोष पिल्ले, रमेश डाकलिया, कुतबुद्दीन सोलंकी, कमलजीत सिंह पिंटू, इकऱामुदीन सोलंकी, रुबी गरचा, मामराज अग्रवाल, राकेश जोशी, सूर्यकांत जैन, अशोक पंजवानी, मनीष गौतम, पंकज बांधव, अमित खंडेलवाल, राहुल तिवारी, प्रेम रूपचंदानी, चेतन भानुशाली, राममुहरत वर्मा, हरीश भंडारी, धीरज मेश्राम, रितेश जैन, ललिता साहू, दुर्गा देवांगन, बबलू कसार, असगर बेग, गोपीचंद गायकवाड़, कृष्ण देवांगन, विष्णु लोधी, रितेश जैन, अनीस खान, रामकुमार साहू, तन्मय कोटडिय़ा, डोमर साहू , सुरेंद्र देवांगन, अब्दुल खान, चुम्मन साहू, भावेश सिन्हा, राकेश चंद्राकर, अमर झा, अमित चंद्रवंशी , आशीष साहू, जय जयसवाल, राहुल बंधे, विशु आजमानी, शुभम कसार, राजू रंगारी, कुंदन वाहने, सागर ताम्रकार, नारायण वर्मा, झम्मन देवांगन, ललित कुम्हरे, अमर झा, विप्लव शर्मा, अरशद खान, पियुष दुबे, कादिर कुरैशी, पिंकू खान, महेंद्र यादव, शरद खंडेलवाल अभिमन्यु मिश्रा, रज्जू जान, अमित अग्रवाल, लक्ष्मी साहू, खरूनिशा ख़ान, आदित्य वैष्णव, निश्चय बुरादे, चंपा चंद्राकर, गोपीचंद गायकवार्ड, हिमालय बंदे , गोलू नायक, सोनू साहू, आसिफ शेख, मयंक सोनी, संदीप सोनी, शिवम गड़पायले, शाहीना कुरैशी, जितेंद्र भाटिया, मेटिन ख़ान, सुनील लारोकर, सोनू ख़ान व अन्य उपस्थित थे।



