डिजिटल डेस्क, वायनाड। देशभर के अधिकतर राज्यों में जारी मूशलाधार बारिश के बीच अब केरलम के वायनाड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां कल्लाडी इलाके में मंगलवार को एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें दो व्यक्ति की जान चली गई और सात लोग घायल हो गए। इसके अलावा इस हादसे में अभी सात अन्य लोगों के लापता Aहोने की भी खबर सामने आ रही है।
यह हादसा कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां मलप्पुरम और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली एक सुरंग सड़क परियोजना का काम चल रहा था। इसी बीच लगातार हो रही तेज बारिश के कारण निर्माण स्थल से भारी मलबा नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो व्यक्ती की मौत हो गई।
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सीएम बोले- ठेकेदारों की लापरवाही
इस हादसे पर केरलम के मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह हादसा मौसम विभाग की चेतावनी न मिलने की वजह से नहीं, बल्कि ठेकेदारों की लापरवाही के कारण हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री पी. के. बशीर और जिला कलेक्टर ने ठेकेदारों को पहले ही इलाके में जमा भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा ठेकेदारों को यह चेतावनी काफी समय पहले दी गई थी, लेकिन उन्होंने अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया।
बचाव कार्य में जुटी टीमें
मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि हादसे वाली जगह पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बचाव दल को तुरंत तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर त्रिशूर में सेना की एक टुकड़ी को भी तैयार रहने को कहा गया है, जिसे जल्द ही मौके पर भेजा जा सकता है।
बता दें कि हादसे से पहले इस इलाके में बेहद भारी बारिश हुई थी। हालांकि, अब बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हुई है, लेकिन फिर भी कीचड़ और मलबे के कारण बचाव दल को काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि लापता लोगों की तलाश के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम जल्द से जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
सीएम ने लिया स्थिति का जायजा
हादसे की खबर मिलते ही मीनांगाडी और कोझिकोड से एनडीआरएफ (NDRF) की दो टीमों (कुल 60 जवान) को तुरंत दुर्घटनास्थल कल्लाडी के लिए रवाना कर दिया गया है। दूसरी ओर हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन के कार्यालय ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने वायनाड के जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने वायनाड के प्रभारी मंत्री टी. सिद्दीकी के साथ एक आपातकालीन बैठक की और उन्हें बचाव कार्यों की कमान संभालने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी को तुरंत मौके पर पहुंचने के आदेश दिए हैं। जिला कलेक्टर भी खुद मौके पर मौजूद हैं।
राज्य मंत्री बोले- यह प्राकृतिक आपदा नहीं, बड़ी लापरवाही है
इसके इतर अब हादसे को लेकर सियासत भी तेज होती दिख रही है। मलबे की चपेट में आए इस हादसे पर केरलम के मंत्री टी. सिद्दीकी ने निर्माण कंपनी ‘कोंकण रेलवे’ पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई प्राकृतिक भूस्खलन नहीं है, बल्कि इंसानी लापरवाही से पैदा हुआ हादसा है।
राज्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी का मामला है। जिला कलेक्टर ने पहले ही कोंकण रेलवे को लिखित में चेतावनी दी थी कि इस निर्माण स्थल पर भूस्खलन का खतरा है और जरूरी कदम उठाने को कहा था, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मंत्री बोले- ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसी लापरवाहियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि दो साल पहले ही मुंडक्कई में हुए एक भयानक भूस्खलन में 298 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। फिलहाल कल्लाडी में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।



