Home छत्तीसगढ़ शहर में अधिकांश दुकानें खुलने पर बढ़ी चहल-पहल

शहर में अधिकांश दुकानें खुलने पर बढ़ी चहल-पहल

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परशुराम जयंती, अक्षय तृतीय, रमजान माह की बाजार में रौनक
राजनांदगांव(दावा)। लाकडाउन में छूट की समय सीमा 9 घंटे कर दिये जाने तथा शहर के मुख्य मार्केट गोलबाजार सहित अन्य स्थानों के अधिकांश दुकाने खुलने से शहर में चहल-पहल बढ़ गई है। इन दिनों पर्व व त्यौहारो का माहौल बना हुआ है। भगवान परशुराम जयंती अक्षय तृतीया पर्व व मुसलमानों का पवित्र रमजान माह की रौनक बाजार में दिखने लगा है।
लोग बड़ी संख्या में पर्व की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। लाक डाउन के चलते मुर्दनी खाए शहर के चेहरे पर अब रौनक दिखाई देने लगा है। लेकिन बाजार में खरीदारी के लिए उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित किये जाने के उपाय नहीं किये जाने से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। चौक-चौराहे पर खड़ी पुलिस का ध्यान ज्यादातर चेहरे में मास्क नहीं लगाने वालों पर है या फिर एसपी द्वारा सुनाए गये फरमान के तहत बगैर हेलमेट के वाहन चला रहे वाहन चालकों पर है। गोल बाजार, जयस्तंभ चौक रोड, कुम्हार पसरा, सिनेमा लाइन, हलवाई लाईन, भारत माता चौक व गोल बाजार सब्जी पसरा की ओर बिल्कुल नहीं है। इन जगहों पर सोशल डिस्टेंस की धज्जिया उड़ रही है। पर पुलिस का कोई कार्रवाई होते नहीं दिख रहा।
खूब बिके पुतरा-पुतरी व घड़े सुराही
आज समूचे अंचल में अक्षय तृतीय यानि कि अक्ती तिहार की धूम रहेगी। हालांकि लाक डाउन के चलते इसे धूम-धाम के साथ मनाया नहीं जा सकेगा। लेकिन परम्परा निभाने के लिए पुतरा-पुतरी के विवाह व मिट्टी के नये घड़े से पानी पीने का नेंग अवश्य किया जाएगा। इसके चलते शनिवार को बाजार में लोगोंं की भीड़ रही। परम्परा में विश्वास करने वाले लोग मिट्टी से बने घड़े, सुराही के अलावा शादी ब्याह में उपयोग आने वाले मटके की खरीदी की। इसी तरह आज अक्ती के दिन पुतरा-पुतरी का ब्याह रचाने मिट्टी से बने आकर्षक गुड्डे-गुडडे-गुडियों की खरीदी की। गंज चौक में घड़े-सुराही व गुड्डा-गुडिया का दुकान लगाए महिला ने बताया कि गुड्डे-गुडिया का जोड़ा 50 से लेकर 100 रूपये में बेचा जा रहा है वही घड़े साईज के अनुसार 50 से लेकर 150 रूपये कीमत में बेची जा रही है। सुराही की कीमत 100 से डेढ़ सौ रूपये बताया। अक्ति त्यौहार के लिए इन चीजों की आज बड़ी मात्रा में बिक्री हुई। इस दौरान जयस्तंभ चौक रोड, कुम्हार पसरा, गोलबाजार क्षेत्र में खरीदारों की भारी भीड़ रही। ज्यादातर लोग कोरोना के डर से मास्क पहन कर आऐ थी लेकिन भीड़ के चलते जगह-जगह सोशल डिसटेंस की धज्जियां उड़ती रही।
परशुराम जयंती पर जलाए गये दीप
शहर में ब्राहमण समाज द्वारा भगवान परशुराम जयंती का पर्व सादे ढंग से मनाया गया। लॉक डाउन के चलते सनातन धर्मियों ने अपने अपने घरों मं भगवान विष्णु के छठवे अवतार भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की। अजर-अमर कहलाने वाले भगवान परशुराम के अवतरण दिवस पर घरों में मंगल चौक पुरते हुए शाम के समय 21 दीये प्रज्जवलित कर जयंती का उल्लास मनाया। गौ-माता व जरूरत मंदों में रोटी व प्रसादी बांटे गये। धरती को 21 बार उदंडियों से सफाया करने वाले भगवान परशुराम से याचना की गई कि वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोना संकट से मानव समाज को निजात दिलाए व पृथ्वी पर शांति का साम्राज्य स्थापित करे। आज रमजान का पहला रोजा होने के कारण मुस्लिम बंधुओं के घरों में पर्व की खुशिया बिखरी। मस्जिदो में कम से कम लोगों की उपस्थिति में अजान किये गये व साइरन बजने के साथ सभी फर्ज के नमाज अपने घरों में अता किये गये।

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