0 सिटी कोतवाली और सीएसपी स्क्वाड ने दबोचा; अब तक 7 आरोपी आ चुके हैं गिरफ्त में
राजनांदगांव। बढ़ते साइबर अपराधों में अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘म्यूल बैंक खातों’ (किराए के खातों) के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सिटी कोतवाली पुलिस और सीएसपी स्क्वाड ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले एक और आरोपी आशुतोष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेंडर किरों के मार्गदर्शन में साइबर अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह की टीम ने यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के बाद सामने आया। जांच में पता चला कि राजनांदगांव और आसपास के क्षेत्रों के कुछ बैंक खातों में साइबर ठगी की अवैध राशि का बड़े पैमाने पर लेनदेन हो रहा है। आरोपी यह जानते हुए भी कि यह पैसा धोखे और बेईमानी से कमाया गया है, कमीशन के लालच में इसका इस्तेमाल कर रहे थे।
इस मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने पूर्व में अपराध क्रमांक 109/25 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचना के दौरान कल डोंगरगढ़ के कालका पारा (रेलवे स्टेशन के सामने) निवासी आरोपी आशुतोष चौधरी (24 वर्ष) के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां पुलिस इस हाई-प्रोफाइल साइबर सिंडिकेट में अब तक कई आरोपियों को दबोच चुकी है और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं-विजय कुमार देवांगन (मोतीपुर, राजनांदगांव) मिहिर साहू (लखोली, राजनांदगांव) चेतन निर्मलकर (रामपुर, राजनांदगांव) किरण रहेकवार (ममता नगर, राजनांदगांव) केजा बाई यादव (राजनांदगांव) राधिका यादव (घोरदा, राजनांदगांव) आरोपी को दबोचने और मामले का पर्दाफाश करने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह, सउनि गणेश चौहान, सीएसपी स्क्वाड से प्रधान आरक्षक अखिल अंबाडे, आरक्षक सेहल साहू और विकास केशरवानी की विशेष व सराहनीय भूमिका रही।
सावधान! क्या होता है म्यूल अकाउंट और कैसे बचें?
राजनांदगांव पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही आम जनता के लिए एक जरूरी एडवाइजरी भी जारी की है-क्या है म्यूल अकाउंट:- यह एक ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग साइबर ठग अवैध रूप से ठगी गई रकम को छिपाने, निकालने या दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। कैसे फंसाते हैं जाल में- ठग आर्थिक रूप से कमजोर या सीधे-साधे लोगों को थोड़े से कमीशन या बड़ी रकम का लालच देकर उनका बैंक खाता, एटीएम या चेकबुक ले लेते हैं। पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाइल सिम, चेकबुक या एटीएम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। साइबर अपराधी इनका उपयोग गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ट्रेडिंग और सेक्सटर्शन जैसे गंभीर अपराधों में करते हैं। खाता किराए पर देना या बेचना भी कानूनी रूप से उतना ही बड़ा अपराध है और ऐसे खाताधारकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



