0 लंबित मामलों के त्वरित निपटारे तथा अपराधियों पर नकेल कसने एसपी ने दिये निर्देश
राजनांदगांव। जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे तथा अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुश्री अंकिता शर्मा ने कमर कस ली है। मंगलवार, 14 जुलाई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी महोदया की अध्यक्षता में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। एसपी सुश्री अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में पुलिस की नियमित और प्रभावी उपस्थिति दिखनी चाहिए। उन्होंने विजिबल पुलिसिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा और प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप माइक्रो लेवल (सूक्ष्म स्तर) पर कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारेगी पुलिस, मुकरता चौक पर तैनात रहेगा बल
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए एसपी ने ट्रैफिक शाखा प्रभारी, संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से हिदायत दी कि मुकरता चौक पर पीक ऑवर्स (व्यस्त समय) के दौरान थाने से कम से कम एक कांस्टेबल की मौजूदगी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को जाम और यातायात की समस्याओं से जूझना न पड़े।
लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में लंबित मर्ग, गुम इंसान, शिकायतों और पुराने आपराधिक मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
संज्ञेय अपराध: जिन मामलों में गंभीर अपराध परिलक्षित हो, उनमें तुरंत अपराध दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
असंज्ञेय अपराध: कम गंभीर या असंज्ञेय प्रकृति के मामलों में नियमानुसार अंतिम प्रतिवेदन (खात्मा/खारजा) प्रस्तुत कर उनका निपटारा समय-सीमा के भीतर किया जाए।
एसपी ने थानों के समस्त रजिस्टरों, अभिलेखों को अपडेट रखने, निगरानी-गुंडा बदमाशों की सतत चेकिंग करने और किशोर पंजी का प्रभावी संधारण करने को कहा।
डिजिटल साक्ष्यों पर जोर और डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम सुधारने के निर्देश
विवेचना की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अब पुलिस पारंपरिक तरीकों के साथ तकनीकी साक्ष्यों पर ज्यादा जोर देगी। एसपी ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और साइबर साक्ष्यों का समयबद्ध संकलन सुनिश्चित करने को कहा। वहीं आपातकालीन सेवा डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम की नियमित समीक्षा करने और घटनास्थल पर त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा आबकारी एक्ट के तहत जब्त शराब के विधिसम्मत नष्टीकरण और मालखाना प्रबंधन को दुरुस्त करने की बात कही गई।
‘‘थाने या चौकी में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना जाए। पुलिसकर्मी, विशेषकर आरक्षक और थाना स्टाफ, आम जनता के प्रति शिष्ट, संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाएं ताकि पीड़ीतों को त्वरित राहत मिल सके।’’-सुश्री अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
साइबर फ्रॉड पर त्वरित एक्शन और होटलों की होगी चेकिंग
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए ऑनलाइन पोर्टलों से प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण करने और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर शहर के होटलों, ढाबों, लॉज और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेंडर किरो, एसडीओपी डोंगरगांव श्रीमती मंजुलता बाज, एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरीनंदन नायक, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री के.पी. मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) श्री एम्ब्रोज़ कुजूर सहित जिले के समस्त थाना व चौकी प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित था।



