नीट परीक्षा धांधली से आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग, हाथों में संविधान लेकर दिया संदेश
राजनांदगांव। देशभर में बहुचर्चित नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन की तर्ज पर अब राजनांदगांव शहर में भी छात्रों ने सडक़ों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को शहर में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए छात्र-छात्राओं ने हाथों में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का तैलचित्र और भारत का संविधान लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया।
हम देशद्रोही नहीं, अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं-छात्र
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे कोई उग्र प्रदर्शनकारी या देशद्रोही नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं। भारत में हर नागरिक और समुदाय को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और न्याय मांगने की संवैधानिक स्वतंत्रता है। छात्रों ने मांग रखी कि सरकार को शिक्षा के स्तर को सुधारने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने को अपनी पहली प्राथमिकता बनाना चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया केवल एक कागज़ी नारा या स्लोगन बनकर न रह जाए, बल्कि देश में इसे धरातल पर हकीकत में लागू किया जाना चाहिए।
दिल्ली आंदोलन को समर्थन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े
शहर के छात्रों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन के प्रति अपनी पूर्ण सहमति और एकजुटता जताई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दल एवं छात्र संगठन लगातार एकजुट होकर सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं और देशभर से छात्र अपनी आवाज बुलंद करने के लिए दिल्ली पहुँच रहे हैं।


