खैरागढ़: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी और जनहितैषी “सेवा सेतु” योजना को जिले के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रेम कुमार पटेल ने जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी जनपद पंचायतों के माध्यम से सरपंचों और सचिवों को ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या है “सेवा सेतु”? 13 साल की एक लंबी डिजिटल यात्रा
छत्तीसगढ़ सरकार की यह डिजिटल पहल नागरिकों को “एक ही छत के नीचे” (या यूं कहें कि अब घर बैठे) सभी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम है।
2003: ‘CHOICE’ प्रोजेक्ट के साथ इस डिजिटल यात्रा की शुरुआत हुई।
2015: इसे आगे बढ़ाते हुए ‘ई-डिस्ट्रिक्ट’ (e-District) पोर्टल के रूप में तब्दील किया गया।
2026 (वर्तमान): अब इसे “सेवा सेतु” के रूप में पूरी तरह एकीकृत कर दिया गया है, जिससे नागरिकों को आधुनिक और तेज गति से सेवाएं मिल रही हैं।
सेवा सेतु की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं
अब खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के नागरिकों को जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस पोर्टल की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
ऑनलाइन आवेदन और लाइव ट्रैकिंग: नागरिक घर बैठे आसानी से आवेदन कर सकते हैं और अपने मोबाइल के जरिए आवेदन की स्थिति (Status) को ट्रैक कर सकते हैं।
WhatsApp सुविधा: आम जनता अब WhatsApp के माध्यम से ही सीधे आवेदन करने, अपडेट पाने और अपने दस्तावेज डाउनलोड करने की सुविधा का लाभ उठा सकती है।
डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणपत्र: QR कोड सत्यापन के साथ डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रमाणपत्र तुरंत डाउनलोड किए जा सकेंगे।
अलर्ट सिस्टम: आवेदन की प्रक्रिया के हर नए चरण पर नागरिकों को SMS और WhatsApp के जरिए तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा।
एकीकृत पेमेंट: ट्रेजरी और ई-चालान सिस्टम से जुड़ने के कारण फीस का भुगतान करना बेहद आसान हो गया है।
बहुभाषी समर्थन: यह पोर्टल हिंदी सहित अन्य स्थानीय भाषाओं में भी सहज रूप से उपलब्ध है।
7-दिन तकनीकी सहायता: नागरिकों की मदद के लिए सुबह से शाम तक, सप्ताह के सातों दिन तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासनिक संचालन और अधिकारियों के निर्देश
इस पूरी डिजिटल व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मजबूत ढांचा तैयार किया गया है:
राज्य स्तर पर: CHiPS द्वारा संचालन।
जिला स्तर पर: DeGS के माध्यम से क्रियान्वयन, साथ ही हर जिले में ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (e-District Manager) तैनात किए गए हैं।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल का बयान: “सेवा सेतु के संचालन से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी और जिले के नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।”
CEO जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के निर्देश: “सभी सरपंच और सचिव अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम चौपाल, मुनादी (कोटवार द्वारा ढोल-नगाड़े के साथ सूचना) और फ्लेक्स-पोस्टर के माध्यम से ‘सेवा सेतु’ योजना की जानकारी हर घर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक इस डिजिटल सुविधा से वंचित न रहे।”



