घुमका (दावा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुमका में बिजली की लचर व्यवस्था के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में बैकअप के लिए रखा जनरेटर पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है। वहीं सौर ऊर्जा इनवर्टर का भी कोई अता-पता नहीं है। पूछने पर पता चला कि इनवर्टर भी महीनों से बंद पड़ा हुआ है। बार-बार अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। हाल ही में बिजली गुल होने के बाद करीब 4 घंटे तक स्वास्थ्य केंद्र अंधेरे में डूबा रहा, जिससे मरीजों का इलाज ठप हो गया। स्थिति यह है कि हल्की सी बारिश या हवा चलते ही घुमका स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह भगवान भरोसे हो जाता है।
बजट बड़ा है, ऊपर भेजेंगे प्रस्ताव : बीएमओ
जब इस संबंध में बीएमओ डॉ. उषा बिंदराज से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि इनवर्टर और पावर बैकअप व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगभग 8 लाख रुपये का खर्च आएगा। जिसके लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
नेता-अधिकारी आते हैं, देखकर चले जाते हैं : मरीज
अस्पताल में भर्ती पीडि़त मरीज प्रकाश कुमार बघेल (खैरझिटी), देव वर्मा (घुमका), पंचूराम (बाटगांव) और कीर्तन पटेल (मासूम) का कहना है कि बिजली बंद होने के कारण उनका इलाज समय पर नहीं हो पा रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी अस्पताल का दौरा तो करते हैं, लेकिन समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकालते। मरीजों के परिजनों का कहना है कि बार-बार ‘दैनिक दावा’ में खबर छपने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी बेफिक्र हैं। समझ नहीं आ रहा कि इसकी शिकायत अब कहां की जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधि नदारद, व्यवस्था सुधारने की मांग
घुमका नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में बिजली की तत्काल उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि क्षेत्र में जनमुद्दों को प्रखरता से उठाने वाला कोई जनप्रतिनिधि नजर नहीं आ रहा है। जिससे स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।



