खैरागढ़ । शिक्षा स्वास्थ्य कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, मत्स्य पालन और खाद्य विभाग से जुड़े मामलों पर जिला पंचायत सदस्य शताक्षी देवव्रत सिंह ने दागे सवाल, उठाया मुद्दा। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक गुरुवार 6 अगस्त को अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जालबांधा क्षेत्र क्रमांक 09 की जिला पंचायत सदस्य शताक्षी देवव्रत सिंह ने अपने क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे उठाते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, मत्स्य पालन और खाद्य विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। शताक्षी सिंह ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए इनके निराकरण की समयसीमा जानने की मांग की।
अधूरा स्कूल भवन निर्माण सात साल से, पूरा करने पर सवाल: शताक्षी देवव्रत सिंह शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे में ग्राम दपका के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का मामला उठाया गया। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य वर्ष 2019 में स्वीकृत हुआ था और इसके लिए राशि भी जारी की जा चुकी है। निर्माण कार्य का आधा हिस्सा पूरा होने के बावजूद पिछले करीब सात वर्षों से भवन अधूरा पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वीकृति और राशि जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने इसे शासन की राशि के उपयोग से जोड़ते हुए पूछा कि अधूरा निर्माण कब तक पूरा किया जाएगा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
तीन साल से पर्याप्त स्टाफ नहीं, उपस्वास्थ्य केंद्र मदराकुही में
स्वास्थ्य विभाग के सामने ग्राम मदराकुही के उपस्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा भी उठाया गया। शताक्षी सिंह ने कहा कि केंद्र में निर्धारित सेटअप के अनुसार कम से कम एक सीएचओ, एक आरएचओ मेल, एक आरएचओ फीमेल और दो एएनएम/स्टाफ नर्स की आवश्यकता है।। लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों से यहां केवल एक सीएचओ और एक आरएचओ मेल ही पदस्थ हैं।
उन्होंने सवाल किया कि क्या इतने कम कर्मचारियों के सहारे उपस्वास्थ्य केंद्र का संचालन पर्याप्त रूप से हो सकता है। साथ ही क्षेत्रवासियों को हो रही स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति कब तक की जाएगी, इसकी जानकारी भी मांगी।
स्थायी समिति की बैठक को लेकर सवाल,कृषि विभाग की
कृषि विभाग की स्थायी समिति की सदस्य होने के नाते शताक्षी सिंह ने समिति की नियमित बैठक नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समिति की बैठक प्रतिमाह आयोजित की जानी चाहिए, लेकिन समिति के गठन के बाद अब तक केवल एक बार बैठक हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े जनहित के मुद्दों को उठाने और विभागीय योजनाओं की समीक्षा के लिए स्थायी समिति की बैठक महत्वपूर्ण है। ऐसे में नियमित बैठक नहीं होने से किसानों से जुड़े विषयों पर चर्चा और निगरानी प्रभावित हो रही है।
खाद-बीज वितरण की प्रक्रिया पर भी मांगी जानकारी
कृषि विभाग से उन्होंने खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री के वितरण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि शासन की ओर से वितरित की जाने वाली खाद, बीज एवं अन्य सामग्री का वितरण किस आधार पर किया जाता है। साथ ही बीज वितरण के लिए हितग्राहियों के चयन का मापदंड क्या है, इसकी जानकारी भी मांगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को शासन की योजनाओं और कृषि सामग्री का लाभ पारदर्शी तरीके से मिले, इसके लिए वितरण प्रक्रिया और हितग्राहियों के चयन के मापदंड स्पष्ट होना जरूरी है।
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