प्रदेश के 600 से अधिक स्कूलों के छात्रों को शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में समान अवसर देने की मांग,
विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा पत्र
राजनांदगांव (दावा)। छत्तीसगढ़ के सीबीएसई विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से वंचित किए जाने का मामला गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विपिन यादव ने इस मुद्दे को उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक डॉ. रमन सिंह को पत्र सौंपकर समस्या के त्वरित समाधान की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सर्किट हाउस में महापौर मधुसूदन यादव से भी मुलाकात कर सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।
पृथक इकाई के नाम पर बाहर रखना अनुचित
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अनीस खान ने बताया कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) द्वारा सीबीएसई के लिए पृथक इकाई को मान्यता दिए जाने के आधार पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं से सीबीएसई छात्रों को बाहर रखा जा रहा है। इसका सीधा असर प्रदेश के 600 से अधिक सीबीएसई स्कूलों में पढऩे वाले हजारों प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों पर पड़ रहा है।
खेल प्रतिभा बोर्ड की मोहताज नहीं : यादव
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि केवल शिक्षा बोर्ड अलग होने के आधार पर किसी भी खिलाड़ी को खेल के अवसरों से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। सीबीएसई स्कूलों के कई खिलाड़ी विभिन्न स्तरों पर अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खिलाडिय़ों का चयन प्रस्तावित है, इसलिए समय रहते निर्णय लिया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शासन व संबंधित खेल विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सीबीएसई विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में शामिल करने की मांग की है, ताकि किसी भी होनहार खिलाड़ी का भविष्य प्रभावित न हो।



