Home छत्तीसगढ़ श्रावण के अंतिम सोमवार को अमरकंटक पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

श्रावण के अंतिम सोमवार को अमरकंटक पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

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उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नर्मदा कुंड एवं नर्मदा उद्गम स्थल के पवित्र परिसर में पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को अमरकंटक में श्रद्धा और आस्था का विशेष वातावरण रहा। इस दौरान श्री शर्मा ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जनकल्याण की भावना को सर्वाेपरि रखते हुए प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

कांवडि़यों के बीच आत्मीयता से बिताया समय

अमरकंटक प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कांवडि़यों के बीच भी पहुंचे। उन्होंने मृत्युंजय आश्रम में कांवडि़यों को भोजन प्रसादी वितरित की और उनके साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से आत्मीय बातचीत कर उनकी कांवड़ यात्रा, यात्रा मार्ग और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कांवडि़यों के साथ सहजता से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी यात्रा के अनुभव भी सुने।

भोरमदेव-अमरकंटक कांवड़ यात्रा के लिए विशेष व्यवस्थाएं

उल्लेखनीय है कि अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक लगभग 150 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर कांवडि़यों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन और रात्रि विश्राम सहित आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। कांवडि़यों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस पेट्रोलिंग दल भी तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था

अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में कांवडि़यों के लिए निःशुल्क भोजन एवं रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यहां श्रद्धालुओं को दाल-भात, सब्जी के साथ खीर, पूरी और हलवा सहित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लंबी कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विश्राम के साथ पौष्टिक भोजन की सुविधा मिल रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कांवडि़यों की सुविधा और सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सावन माह के इस पवित्र अवसर पर भोरमदेव से अमरकंटक तक श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि सभी भक्तजन श्रद्धा, उत्साह और सुरक्षित वातावरण में अपनी कांवड़ यात्रा पूरी कर सकें।

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