हाईवे से लेकर प्रमुख मार्गों तक लगातार जारी हादसों का सिलसिला, प्रशासन के सारे दावे फेल
राजनांदगांव (दावा)। नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और शहर के प्रमुख मार्गों पर रात के समय डेरा जमाए बैठे घुमंतू मवेशियों के लिए वाहनों की बेलगाम रफ्तार काल साबित हो रही है। आए दिन सडक़ पर बैठे लावारिस पशु तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आकर दर्दनाक मौत का शिकार हो रहे हैं। बीती रात शिवनाथ नदी के पुल पर अज्ञात वाहन ने सडक़ पर बैठे मवेशियों को बेरहमी से कुचल दिया। हादसे के बाद पुल पर बिखरे क्षत-विक्षत शवों और उन्हें नोचते कुत्तों के खौफनाक मंजर को देखकर सुबह वहां से गुजरने वाले राहगीरों के रोंगटे खड़े हो गए।
कुत्तों ने नोचे शव, तड़पते रहे घायल मवेशी
मंगलवार की रात शिवनाथ नदी पुल पर हुए इस दर्दनाक हादसे में 3 से 4 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई मवेशी लहूलुहान होकर तड़पते रहे। सुबह जब लोग मॉर्निंग वॉक और अन्य कामों के लिए निकले, तो सडक़ पर मवेशियों के क्षत-विक्षत अंग बिखरे पड़े थे। दिल दहला देने वाली बात यह रही कि मृत मवेशियों के शवों को आवारा कुत्तों का झुंड नोच-नोच कर खा रहा था। इस वीभत्स दृश्य ने हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर कर रख दिया।
जिले में मवेशियों के कुचले जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पूर्व नेशनल हाईवे पर एक अनियंत्रित ट्रक ने 8 मवेशियों को कुचल दिया था और एक दर्जन पशु घायल हुए थे। उस घटना के बाद कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने एनएचएआई को पत्र लिखकर सुरक्षा प्रबंध दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद हादसों का दौर नहीं थमा। इसके तुरंत बाद पुलिस लाइन के पास भी अज्ञात वाहन ने 7 मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया था। कांग्रेस पार्टी और कई सामाजिक संगठनों ने लगातार ज्ञापन सौंपकर गौवंश की जान बचाने की गुहार लगाई, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
रेडियम पट्टी और धरपकड़ के दावे हवा-हवाई
नगर निगम प्रशासन द्वारा घुमंतू पशुओं को पकडऩे और उनके सींगों व गलों में रेडियम पट्टी लगाने का अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि रात होते ही शहर के मुख्य पुल, हाईवे और चौक-चौराहे मवेशियों के तबेले में तब्दील हो जाते हैं। शिवनाथ नदी समीप हल्दीघाट वार्ड के पूर्व पार्षद रूपेश साहू ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि मोहारा पुल पर हादसे का शिकार हुए मवेशी पूरी तरह घुमंतू थे, जिनका कोई मालिक नहीं है। सुबह जब ग्रामीणों ने यह खौफनाक दृश्य देखा तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि रात में हाईवे पर भारी वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाया जाए और पुल-पुलियों से मवेशियों को हटाने के लिए ठोस और नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए।



