राजनांदगांव : संस्कारधानी राजनांदगांव में आगामी गणेश विसर्जन झांकियों के सुगम संचालन को लेकर ‘भक्तगण संस्कारधानी’ संगठन ने जिला प्रशासन से विशेष व्यवस्था बनाने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि विसर्जन के दौरान दोनों प्रमुख मार्गों को आवागमन के लिए खुला रखा जाए, ताकि गणेश उत्सव समितियों को अपनी सुविधा और झांकी के आकार के अनुसार मार्ग चयन करने की स्वतंत्रता मिल सके।
वर्तमान प्रस्तावित मार्ग संकरा और मोड़दार
‘भक्तगण संस्कारधानी’ के प्रतिनिधि राजू डागा ने बताया कि वर्तमान में प्रशासन द्वारा प्रस्तावित झांकी मार्ग महाकाल चौक और आजाद चौक से होते हुए भारत माता चौक, कामटी लाइन, सुरजन गली और रामाधीन मार्ग से होकर तिरंगा चौक तक जाता है। यह मार्ग काफी संकरा है और इसमें कई तीखे मोड़ हैं। बड़ी और भव्य झांकियों के निकलने के दौरान यहां भीषण जाम और यातायात प्रभावित होने की पूरी संभावना बनी रहती है।
महेश पथ-गंज चौक मार्ग है ज्यादा चौड़ा व सुविधाजनक
संगठन का कहना है कि भारत माता चौक से सीधे महेश पथ, गंज चौक होते हुए नंदई और मोहरा विसर्जन स्थल की ओर जाने वाला दूसरा मार्ग काफी चौड़ा है। इस मार्ग पर डिवाइडर होने के साथ-साथ वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। इसके अलावा गंज चौक और नंदई चौक से बसंतपुर बाईपास की ओर जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद हैं, जिससे यातायात प्रबंधन आसान हो जाता है।
एक ही मार्ग पर नहीं बढ़ेगा दबाव
राजू डागा ने कहा कि दोनों मार्गों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय उन्हें पूरी तरह खुला रखा जाना चाहिए। जिस समिति को कामटी लाइन वाले मार्ग से जाना हो, वह उस रास्ते का उपयोग करे और जो समितियां महेश पथ-गंज चौक होते हुए सीधे मोहरा विसर्जन स्थल जाना चाहती हैं, उन्हें वहां से जाने की अनुमति मिले। इससे झांकियों का दबाव विभाजित होगा और प्रशासन को भी भीड़ व यातायात नियंत्रित करने में आसानी होगी।
मांग उठाने वालों में शामिल प्रमुख सदस्य
धार्मिक भावना और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से की गई इस मांग का समर्थन करने वालों में राजू डागा, भावेश अग्रवाल, संजय लड्ढा, सागर चितलांगिया, अशोक पांडे, संजय तेजवानी, अमित खंडेलवाल, सूरज बुद्धदेव, लक्ष्मण लोहिया, विजय राय, आलोक बिंदल, प्रतीक अग्रवाल, राजेश जैन, राहुल जायसवाल, प्रकाश कांकरिया एवं राजेंद्र जैन सहित ‘भक्तगण संस्कारधानी’ के अनेक सदस्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।



