राजनांदगांव। ‘मिशन साइबर सुरक्षा’ के तहत साइबर अपराधों और साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह पर राजनांदगांव पुलिस ने शिकंजा कसा है। थाना कोतवाली, डोंगरगढ़ एवं साइबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त कार्रवाई में 04 म्यूल बैंक खातों के धारकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इन खातों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज कुल 30 साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों का निराकरण हुआ है, वहीं 58.49 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का पर्दाफाश हुआ है।

पोर्टल से 51 लाख रुपये की राशि कराई गई होल्ड
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से महत्वपूर्ण सुराग मिले थे।
थाना कोतवाली क्षेत्र: बंधन बैंक के एक खाते में साइबर ठगी के जरिए 57 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला था। पुलिस ने साइबर पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये होल्ड करवा दिए। मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 556/26 के तहत मामला दर्ज किया गया।
थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र: एक्सिस बैंक और छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा डोंगरगढ़ के 2 खातों में 1,49,783 रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली। इसमें से साइबर पोर्टल के जरिए 1,00,000 रुपये की राशि तुरंत होल्ड कराई गई। थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 555/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
थाना कोतवाली क्षेत्र से:
राकेश कुमार सिन्हा (निवासी: वार्ड नं. 13, एकता सदन के पास, गौरी नगर, ओ.पी. चिखली, जिला राजनांदगांव)
बालचंद भुआर्य (निवासी: नवागांव, थाना मानपुर, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी)
थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र से:
गौकरण (पिता: जय सिंग, निवासी: शिवपुरी, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव)
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 317(5) एवं 111 3(5) के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
राजनांदगांव पुलिस की आम जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों को सचेत करते हुए कहा है कि:
अपना व्यक्तिगत बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या रजिस्टर्ड मोबाइल सिम किसी के बहकावे में आकर किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
अवैध या अज्ञात स्रोतों से प्राप्त रकम को अपने खाते में लेने के लिए खाता बेचना, किराये पर देना या कमीशन पर देना गंभीर दंडनीय अपराध है।
यदि आपके खाते में कोई संदिग्ध या अवैध लेन-देन दिखता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। ऐसे मामलों में संलिप्त खाताधारकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



