जिले में बेखौफ चल रहा खनिज संपदाओं अवैध उत्खनन, पुलिस ने अवैध परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ा
राजनांदगांव(दावा)। जिले में रेत मुरुम, गिट्टी सहित अन्य खनिज संपदाओं का अवैध रूप से दिनरात जमकर दोहन हो रहा है। तस्कर बिना रायल्टी पर्ची के रेत, गिट्टी, मुरुम सहित अन्य खनिज संपदाओं की चोरी कर रहे हैं। बावजूद इसके खनिज विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई व जांच नहीं की जा रही है। चर्चा है कि खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ खनिज माफियाओं की सेटिंग के चलते पूरा अमला अपने दफ्तर में ही कैद है। इसके कारण पुलिस को अवैध रुप से रेत गिट्टी व मुरुम सहित अन्य खनिज सामग्रियों की चोरी और परिवहन करने वालों पर कार्रवाई करनी पड़ रही है। पुलिस विभाग ने आज विभिन्न क्षेत्रों में अवैध परिवहन में लगे वाहनों को पकडऩे में सफलता पाई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध रेत उत्खनन के मामले में पुलिस की टीम ने सप्ताह के भीतर अवैध रुप से खनिज संपदाओं का परिवहन करते एक दर्जन से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की है। जबकि खनिज संपदाओं की चोरी व तस्करी पर कार्रवाई की जिम्मेदारी खनिज विभाग की है। खनिज विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। विभाग का काम पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।
पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में रेत, गिट्टी व अन्य सामग्रियों का अवैध परिवहन करते दर्जनभर से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की है। इसमें बसंतपुर अतंर्गत दो प्रकरण, ओपी सुरगी थाना बसंतपुर अंतर्गत तीन प्रकरण, थाना लालबाग अंतर्गत दो प्रकरण, थाना सोमनी अंतर्गत एक प्रकरण, थाना डोंगरगांव अंतर्गत दो प्रकरण, थाना खैरागढ़ अंतर्गत ओपी जांलबांधा में तीन प्रकरणों में कुल 13 प्रकरणों में पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए अवैध रेत उत्खनन् माफियाओं को उनके वाहनों के साथ पकड़ा गया और वैधानिक कार्यवाही हेतु खनिज विभाग को सौंपा गया। इससे जाहिर हो रहा है कि खनिज विभाग सेटिंग के तहत कार्रवाई करने गंभीरता नहीं दिखा रहा है। इसकी वजह से खनिज माफिया खुलेआम खनिज संपदाओं की चोरी करते आ रहे हैं।
लीज से बाहर रेत की चोरी, जांच न कार्रवाई
जिले में संचालित रेत खदानों में ठेकेदारों द्वारा लीज क्षेत्र से बाहर रेत की चोरी करने की लगातार शिकायत सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार सारे नियम कायदों को ताक में रख कर लीज से बाहर रेत निकासी कर रहे हैं। बावजूद इसके खनिज विभाग की टीम द्वारा न तो खदानों की जांच की जा रहा है और न ही किसी तरह की कार्रवाई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि खनिज विभाग कितना असहाय होकर काम रहा है। बताया जा रहा है कि खनिज विभाग की ठेकेदारों से सेटिंग है। इसकी वजह से इन लोगों को मनमानी करने की खुली छूट मिली हुई है।



