कोलकाता व राजस्थान के कलाकारों ने 30 हजार थर्माकोल डिब्बों से गढ़ी अयोध्या धाम की जीवंत प्रतिकृति
राजनांदगांव (दावा)। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर संस्कारधानी के बसंतपुर स्थित गंज मंडी परिसर में इस बार आस्था और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। गंज मंडी व्यापारी संघ द्वारा मंडी दुर्गोत्सव के तत्वावधान में मां जगदंबा की नयनाभिराम प्रतिमा के साथ-साथ अयोध्या के भव्य श्रीरामलला मंदिर की हूबहू प्रतिकृति स्थापित की जा रही है। शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन-अर्चन के साथ मंदिर के शीर्ष पर तीनों स्वर्ण शिखर कलश स्थापित किए जाएंगे।
थर्माकोल की भव्य नक्काशी, 35 से 40 लाख का बजट
मंडी के बाबू बलभद्र चंद्राकर ने बताया कि व्यापारी संघ के सुनील उभेरानी, पप्पू अग्रवाल, डागा जी सहित पूरी टीम इस आयोजन को भव्यता देने में जुटी है। कोलकाता और राजस्थान से आए दक्ष कारीगरों ने दिन-रात परिश्रम कर इस झांकी को अंतिम रूप दिया है। निर्माण में लगभग 30 हजार थर्माकोल के डिब्बों का उपयोग हुआ है, जिस पर की गई बारीक नक्काशी अयोध्या के मूल मंदिर का साक्षात अहसास कराती है। झांकी निर्माण पर करीब 35 से 40 लाख रुपये की लागत आई है। आज कलश स्थापना के साथ मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।
11 को विराजेंगी मां भगवती
श्रीरामलला मंदिर के ठीक समीप एक भव्य और आकर्षक मंच तैयार किया गया है। जहां 11 अक्टूबर से आदिशक्ति मां दुर्गा की प्रतिमा पूरे विधि-विधान के साथ विराजमान होगी। नौ दिनों तक यहां नियमित पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलेगा। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मंडी के बाजू से एक भव्य तोरण द्वार बनाया गया है, जहां से लगभग 100 मीटर की दूरी तय कर श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन कर सकेंगे। परिसर के विशाल भू-भाग में व्यापक मेले की व्यवस्था की गई है। बच्चों व युवाओं के मनोरंजन के लिए बड़े हवाई झूले, ड्रैगन ट्रेन, जंपिंग नेट सहित कई छोटे-बड़े झूले लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त महिलाओं और बच्चों के लिए सौंदर्य प्रसाधन, मनिहारी सामग्री, खिलौने तथा लजीज चाट-पकौड़े के स्टॉल सजकर तैयार हो रहे हैं। शहर और ग्रामीण अंचलों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। जिससे नवरात्रि के दौरान पूरा गंज मंडी परिसर मिनी मेले के रूप में तब्दील रहेगा।



