डोंगरगढ़ में निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन
विजयदशमी उत्सव पर मुख्य वक्ता ने ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्प को रेखांकित किया
डोंगरगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नगर इकाई डोंगरगढ़ द्वारा विजयदशमी पर्व के अवसर पर स्थानीय महावीर मंदिर परिसर में विशाल पथ संचलन एवं प्रकट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुशासित गणवेश में स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए नगर में पथ संचलन निकाला, जिसके पश्चात आयोजित बौद्धिक सत्र को मुख्य वक्ता राजेश खांडेकर ने संबोधित किया।

अपने उद्बोधन में राजेश खांडेकर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष 1925 से लेकर आज तक दैनिक शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण के कार्य में निरंतर रत है। विजयदशमी उत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आश्विन शुक्ल दशमी का पर्व आसुरी शक्ति पर दैवीय शक्ति, अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और दुराचार पर सदाचार की विजय का प्रतीक है। यही दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की रावण पर ऐतिहासिक विजय का भी पावन पर्व है, जिसे पूरा समाज उमंग के साथ मनाता है।
श्री खांडेकर ने बताया कि संघ के 101 वर्ष में प्रवेश के अवसर पर समाज को संगठित और सक्षम बनाने के लिए ‘पंच परिवर्तन’ का आह्वान किया गया है। इसमें पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी आचरण तथा नागरिक कर्तव्य बोध शामिल हैं। इन पांच आयामों के जरिए ही समाज और राष्ट्र में सकारात्मक व युगांतरकारी बदलाव संभव है।
कार्यक्रम में जिला संघचालक राधेश्याम शर्मा, प्रदेश पदाधिकारी प्रकाश यादव, डोंगरगढ़ नगर संघचालक विश्वनाथ यादव सहित नगर के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। संचलन मार्ग में नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।




