० राजनांदगांव में स्कूलों में घोषित रहा अवकाश, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
० तेज हवाओं से कई जगह गिरे पेड़, बिजली आपूर्ति बाधित; बाजारों में पसरा सन्नाटा
राजनांदगांव (दावा)। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नव’ और उसके प्रभाव से हो रही तेज बारिश ने बुधवार को जिले में जन-जीवन की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते जहां शहर के कई हिस्सों में व्यवस्थाएं पटरी से उतर गईं, वहीं मौसम की खराबी ने अखंड सौभाग्य के पर्व करवा चौथ की तैयारियों पर भी पानी फेर दिया। आसमान में घने बादलों के डेरे के कारण शाम को चंद्र दर्शन की संभावना बेहद क्षीण हो गई, जिससे निर्जला उपवास रख रहीं व्रती महिलाओं में भारी निराशा देखी जा रही है।
दोपहर में अचानक बदला मौसम, बाजार अस्त-व्यस्त
बुधवार दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच अचानक तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। त्यौहारी खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़ को सिर छुपाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश करनी पड़ी। करवा चौथ और दीवाली की पूजन सामग्री से सजे बाजार बारिश की भेंट चढ़ गए। मिट्टी से निर्मित करवा (गडुए) पानी में भीग गए, जिससे छोटे व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और आनन-फानन में दुकानें समेटनी पड़ीं। अंधड़ के चलते सडक़ किनारे कई पेड़ों की शाखाएं टूटकर गिर गईं और बिजली के तार आपस में टकराने से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।
स्कूल बंद, धान की कटाई रोकने की अपील
चक्रवात के गंभीर असर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है। एहतियात के तौर पर बुधवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया। वहीं, मौसम के रुख को देखते हुए किसानों को फिलहाल धान की कटाई तत्काल रोकने की सख्त सलाह दी गई है।
सब्जियों व पशुधन की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी
कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों और पशुपालकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों ने लता वर्गीय सब्जियों और फलदार पौधों को सहारा देने तथा खेतों में तत्काल जल निकासी सुनिश्चित करने को कहा है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वज्रपात और बारिश के दौरान मवेशियों को खुले में न छोड़ें, उन्हें सुरक्षित, सूखे व हवादार शेड में रखें तथा सूखे चारे व स्वच्छ पेयजल का पर्याप्त प्रबंध रखें। साथ ही तिवरा, अलसी की उतेरा बुआई समेत आगामी रबी फसलों की बोनी मौसम सामान्य होने तक टालने की हिदायत दी गई है।
आस्था और मौसम की परीक्षा
बस्तर के रास्ते पूरे प्रदेश में दस्तक देने वाले चक्रवात अर्नव ने दीवाली की तैयारियों के साथ-साथ करवा चौथ के उल्लास को भी प्रभावित किया है। दिनभर 24 घंटे का निर्जला व्रत रखकर छलनी से चांद और पति का दीदार करने की प्रतीक्षा कर रहीं सुहागिनों की नजरें अब भी आसमान की ओर टिकी हैं, उम्मीद यही है कि बादलों की ओट से चंद्र देव के दर्शन सुलभ हो जाएं।




