राजनांदगांव। संस्कारधानी में खेल के क्षेत्र में एक बड़ा मुद्दा सामने आया है, जहां साईं हॉस्टल के बच्चे जो मेडल लाकर पूरे देश में राजनांदगांव का नाम रोशन करते हैं, उन्हें कडक़ती धूप में प्रैक्टिस करना पड़ रहा है। जबकि बास्केटबॉल इनडोर कोर्ट पर ‘खेलो इंडिया’ के नाम से ताला लगा रहता है, जहां कोई भी खिलाड़ी प्रैक्टिस करने नहीं आता।
कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी
सूत्रों से पता चला है कि कलेक्टर डॉ. सुरेश्वर नरेन्द्र भुरे ने स्टेडियम समिति की बैठक में साईं हॉस्टल को इनडोर कोर्ट की चाबी देने के लिए कहा गया था। लेकिन आज तक चाबी नहीं दी गई है। इससे साफ होता है कि स्टेडियम प्रशासन कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है।
विधायक डॉ. रमन की मंशा अधर में
विधानसभा अध्यक्ष व विधायक डॉ. रमन सिंह ने बच्चों के लिए सुंदर स्टेडियम बनाया है, लेकिन अब लगता है कि बच्चों के साथ खेल में राजनीति की जा रही है। इससे सवाल उठता है कि क्या विधायक की मंशा वास्तव में बच्चों का हित अधर में है।
बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़
साईं हॉस्टल के बच्चों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिलना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इनडोर कोर्ट की चाबी नहीं मिलने से बच्चे कडक़ती धूप में प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। इससे उनके स्वास्थ्य और प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। राजनांदगांव में खेल के क्षेत्र में राजनीति का यह मुद्दा गंभीर है। कलेक्टर और विधायक को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और साईं हॉस्टल के बच्चों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। इससे राजनांदगांव के संस्कारधानी के संस्कारों को भी बचाया जा सकता है।



