छमुमो ने पुरानी मांगों को लेकर निगम के सामने फिर शुरू किया आमरण अनशन
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा द्वारा अपने पुराने 12? सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार 19 मई से निगम के सामने फिर से आमरण अनशन शुरू कर दिया गया है।अनशन पर बैठे छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमनारायण वर्मा,नगर निगम सफाई कर्मियों के नेता चंद्रिका प्रसाद सिन्हा, वैष्णव आदि ने बताया कि पिछले दिनों शहर के वार्डो की पानी, बिजली, साफ-सफाई की समस्यायों, नगर निगम के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन,कर्मचारी के जमा प्राइवेट फंड, अमृत जल विभाग के तहत शहर में अधूरे डाले गए पाइप लाइन सहित अन्य समस्याओं को लेकर निगम के सामने आमरण अनशन किया जा रहा था। ऐसे में नव-निर्वाचित महापौर मधुसूदन यादव ने अनशन स्थल पर आ कर छमुमो द्वारा जनहित में मांग की जा रही समस्याओ के शीघ्र ही निराकरण किए जाने का आश्वासन देकर अनशन कारियों को नींबू पानी पिलाकर अनशन तुड़ाया गया था लेकिन माह भर से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद महापौर ने अपना आश्वासन पूरा नहीं किया जिससे समस्याएं जस की तस है।
प्रेमनारायण वर्मा ने कहा कि महापौर द्वारा दिए गए आश्वासन पूरा नहीं होने पर उन्हें उक्त मांगों को लेकर पुन: आंदोलन करने बाध्य होना पड़ रहा है। उन्होंने पुन: अपनी मांगों को दुहराते हुए कहा कि राजनांदगांव नगर निगम के कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता, उनकी भविष्य निधि की राशि नियमित जमा नहीं हो रही। उच्च न्यायालय के आदेश के तहत कर्मचारियों का स्थाईकरण एवं आम जनता की मूलभूत सुविधाएं, पेयजल, साफ-सफाई आदि की समस्यायों को लेकर गत 26 मार्च को शासन-प्रशासन को पत्र दिया गया था। लेकिन इस पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया। इससे शहर की जनता के समक्ष उक्त मूलभूत सुविधाओं की परेशानी बनी हुई है वहीं नगर निगम के कर्मचारियों की भी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। इसलिए फिर से उन्हें आमरण अनशन का रुख अख्तियार करना पड़ा है। इस दौरान नगर निगम के कतिपय कर्मचारी उनकी मांगों को समर्थन देने आंदोलन स्थल पर बैठे देखें गए।
आंदोलन के आगे खींचने पर नगर की अन्य मजदूर कर्मचारी हितैषी संस्था संगठने व नेता आदि उन्हें समर्थन देने आगे आ सकते है।



