राजनांदगांव । सोमनी थाना क्षेत्र के निर्माणाधीन प्लांट में काम करने वाले एक नाबालिग की करंट से मौत हो गई। इससे बिफरे कांग्रेस के नेताओं और साथी मजदूरों ने सोमनी थाने का घेराव कर आधे घंटे चक्काजाम कर उक्त घटना के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष भागवत साहू, जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख, थाने में एसडीएम, तहसीलदार आदि भी पहुंच गए थे। इधर शहर से पहुंचे जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष सौरभ कोठारी, राजेश श्यामकर व अन्य भाजपाईयों व कांग्रेसजनों सहित प्रशासन की उपस्थिति में कंपनी मालिक व मृतक परिवार के बीच मध्यस्थता करवाकर मृतक परिवार को 15 लाख मुआवजा दिलवाया गया। डोंगरगढ़ विधायक श्रीमति हर्षिता स्वामी बघेल दो घंटे बाद थाने पहुंची। इस दौरान सोमनी थाना प्रभारी सत्यनारायण देवांगन मृतक का पोस्ट मार्टम के लिए जिला चिकित्सालय में मौजूद थे। बताया जाता है कि घटना से आक्रोशित लोग वहां पहुंचकर मृतक का शव मांगने लगे जिसे लेकर थाने के सामने अथवा प्लांट कंपनी के सामने रखकर प्रदर्शन कर एक करोड़ रुपए मुआवजे के रुप में मांग कर रहे। लेकिन इंकार किए जाने तथा प्लांट मालिक को बुलाएं जाने का आश्वासन दिये जाने उपरांत लोग शांत हुए और सोमनी थाने की ओर रुख किया।
प्लांट के मोटर में करंट आने से हुई घटना

बता दें कि सोमनी थाना क्षेत्र के ग्राम फुलझर में निर्माणाधीन न्यू लुक बायोफ्यूल प्रा. लि. में सोमवार को दोपहर वहां काम करने वाले 16 वर्षीय नाबालिक मजदूर कुणाल पिता तीरथ मंडावी निवासी पटेवा की करेंट लगने से मौत हो गई। बताया जाता है कि प्लांट में कार्य करने के दौरान मोटर में करेंट आने से उसकी मौत हो गई। उक्त बाल मजदूर घुमका-पटेवा क्षेत्र के होने के कारण क्षेत्रीय विधायक हर्षिता स्वामी बघेल व पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल ने ग्रामवासियों को साथ लेकर उक्त प्लांट वाले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत व उपाध्यक्ष सौरभ कोठारी, राजेश श्यामकर आदि सोमनी थाने पहुंचे। इधर कांग्रेस नेताओं ने भी सभी लोगों की उपस्थिति में मृतक कुणाल मंडावी के परिवार को उक्त गंभीर हादसा के संदर्भ में मुआवजा दिलाने जाने तथा दोषी ठेकेदार पर अपराध कायम करने सहित प्लांट मालिक पर बाल मजदूर से काम लेने के आरोप में चाइल्ड लेबर कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।

बता दें कि सोमनी थाने में एकत्र नेताओं सहित साथी मजदूरों ने ग्रामवासियों की भीड़ में केवल यहीं बात उठ रही थी कि नाबालिग को निर्माण कंपनी ने जोखिम का काम लेने मजदूर कैसे बना दिया। बताया जाता है कि जिस मौज कंपनी (पुणे) द्वारा प्लांट में निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वहां ऐसे ही नाबालिगों को काम पर रखा हुआ है।



