Home छत्तीसगढ़ राजनांदगांव: शुक्ला हास्पीटल में लापरवाही पूर्ण इलाज से अधेड़ की गई जान….

राजनांदगांव: शुक्ला हास्पीटल में लापरवाही पूर्ण इलाज से अधेड़ की गई जान….

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० परिजनों ने किया जमकर हंगामा, चक्काजाम के लिए रहे उद्यत
० पुलिस ने संभाली स्थिति, हास्पीटल प्रबंधन से 50 लाख मुआवजे की मांग
राजनांदगांव (दावा)। शहर के बसंतपुर रोड स्थित शुक्ला मल्टीपल हास्पीटल में डॉक्टरों की लापरवाही से एक अधेड़ की जान चली गई। इससे गुस्साए परिजनों ने हास्पीटल में खूब हंगामा किया। इससे वहां खूब हो-हल्ला की स्थिति बनी रही। आलम यह रहा कि मृतक के बौखलाए हुए परिजन हास्पीटल के सामने मृतक के शव को रखकर बसंतपुर रोड में चक्काजाम के लिए उद्यत हो गए। जानकारी मिलते ही सीएसपी पुष्पेन्द्र नायक व बसंतपुर थाना प्रभारी एमन साहू मौके पर पहुंचकर स्थित संभाली और परिजनों को शांत किया।
लगातार ब्लड रिसाव से हुई युवक की मौत
बतादे कि रामनगर वार्ड नं. 7 निवासी अधेड़ संतोष सिन्हा पिता गनेश सिन्हा उम्र 50 वर्ष की मौत से बौखलाए उनके मामा कोदूलाल सिन्हा, पड़ोसी मामा चंद्रिका प्रसाद सिन्हा, सुनील सिन्हा व वार्ड पार्षद सहित अन्य परिजन अस्पताल प्रबंधन के प्रति काफी कड़ा रुख अपनाए हुए थे। कहा जा रहा था कि उनका भांजा संतोष बाईक चलाते शुक्ला हास्पीटल में अपने पथरी का इलाज कराने आया हुआ था, लेकिन अस्पताल वाले ने एक 12 एमएम पथरी के इलाज के लिए उसकी आपरेशन कर दिया। यहां तक तो ठीक था, लेकिन आपरेशन के बाद उसके भांजे का खून बहना बंद नहीं हुआ। लगातार खून बहता जा रहा था। घर वालों ने इस संबंध में संबंधित डाक्टर का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन वे खून रोकने में असफल रहे। नतीजा यह रहा कि मरीज को रायपुर के रामकृष्ण हास्पीटल रिफर कर दिया गया। वहां मरीज को आईसीयू में डाल दिए जाने व वक्त पर सही ईलाज नहीं मिल पाने से उसके भांजे ने वहां दम तोड़ दिया। शुक्ला हास्पीटल की इस लापरवाही पूर्ण इलाज से भडक़े हुए मृतक के परिजनों ने हास्पीटल पहुंचकर काफी हंगामा किया। जिससे बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।

अस्पताल प्रबंधन ने दिया 10 लाख रुपए मुआवजा
परिजनों द्वारा मृतक युवक के मौत की जिम्मेदार डाक्टरों को बुलाएं जाने पर एक भी डॉक्टर सामने नहीं आए। इससे परिजन और भी बौखलाए हुए थे। जबकि सीएमएचओ व सीएसपी तथा बसंतपुर टीआई मौके पर पहुंच गए। सीएमएचओ डॉ. एन.आर. नवरतन व पुलिस वालों द्वारा मृतक के परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश की गई। इस पर परिजनों ने मृतक युवक के छोटे-छोटे बच्चे व उसकी बीमार मां का हवाला देते हुए हास्पीटल प्रबंधन से 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की गई। इस पर हास्पीटल प्रबंधन व अधिकारियों की मध्यस्थता के चलते बड़ी मुश्किल से 10 लाख रुपए मुआवजा प्राप्त करने के लिए परिजन राजी हुए। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए नकद व 8 लाख रुपए की चेक दिए जाने की बात सामने आई है।

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