रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के कैंपस और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की आधारशिला रखी. इस अवसर पर उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए एक कड़ा संदेश दिया. शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि “बारिश में भी नक्सलियों को चैन से सोने नहीं देंगे” और नक्सल विरोधी अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे. गृह मंत्री अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के लिए रायपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन और डीजीपी अरुण देव गौतम ने विमानतल पर उनका स्वागत किया.
अपने संबोधन में, अमित शाह ने नक्सल विरोधी अभियानों पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि इन ऑपरेशंस को लेकर अब किसी भी तरह की ‘चर्चा की जरूरत नहीं’ है, बल्कि ये ‘चलता रहेगा’. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अक्सर मानसून के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं, जिसका फायदा उठाकर नक्सली अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं. गृह मंत्री ने साफ कर दिया कि इस बार ऐसा नहीं होगा और नक्सल उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने तक ऑपरेशन जारी रहेंगे. उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि सरकार नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में लगातार बड़े और प्रभावी ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. शाह ने छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों द्वारा हाल ही में हासिल की गई सफलताओं का उल्लेख करते हुए उनकी बहादुरी और समर्पण की सराहना की. उन्होंने दोहराया कि एक सभ्य समाज में हिंसा और लाल आतंक का कोई स्थान नहीं है और सरकार इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए कृतसंकल्प है.
शाह ने यह भी रेखांकित किया कि केवल सैन्य ऑपरेशन ही नहीं, बल्कि विकास कार्य और विश्वास बहाली के कार्यक्रम भी नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का अहम हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नक्सली अपनी जड़ें जमाए हुए हैं, वहां तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. इसमें सड़क निर्माण, स्कूल, अस्पताल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं, ताकि स्थानीय लोगों का विश्वास जीता जा सके और वे मुख्यधारा में शामिल हो सकें.
NFSU कैंपस: आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूती
रायपुर में NFSU कैंपस के शिलान्यास को गृह मंत्री ने एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह कैंपस छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने में सहायक होगा. NFSU अत्याधुनिक फोरेंसिक विज्ञान तकनीकों में विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करेगा, जिससे अपराधों की जांच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ेगा और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी. शाह ने कहा कि फोरेंसिक साइंस अपराधों की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. NFSU जैसे संस्थान देश में फोरेंसिक विशेषज्ञों की कमी को पूरा करेंगे और जांच एजेंसियों को आधुनिक उपकरणों और ज्ञान से लैस करेंगे. यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.
रायपुर में NFSU कैंपस के शिलान्यास को गृह मंत्री ने एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह कैंपस छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने में सहायक होगा. NFSU अत्याधुनिक फोरेंसिक विज्ञान तकनीकों में विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करेगा, जिससे अपराधों की जांच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ेगा और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी. शाह ने कहा कि फोरेंसिक साइंस अपराधों की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. NFSU जैसे संस्थान देश में फोरेंसिक विशेषज्ञों की कमी को पूरा करेंगे और जांच एजेंसियों को आधुनिक उपकरणों और ज्ञान से लैस करेंगे. यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.
बहु-राज्यीय समीक्षा बैठक, कई डीजीपी समेत अफसर रहे मौजूद
शिलान्यास के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के DGP/ADGP और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नक्सलवाद पर एक समीक्षा बैठक की. यह बैठक अंतर-राज्यीय समन्वय और साझा रणनीति बनाने के महत्व को रेखांकित करती है ताकि नक्सलवाद के खिलाफ एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जा सके.
शिलान्यास के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के DGP/ADGP और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नक्सलवाद पर एक समीक्षा बैठक की. यह बैठक अंतर-राज्यीय समन्वय और साझा रणनीति बनाने के महत्व को रेखांकित करती है ताकि नक्सलवाद के खिलाफ एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जा सके.
सोमवार को ऐसा रहेगा शेड्यूल
अपने दौरे के दूसरे दिन, सोमवार, 23 जून को गृह मंत्री अमित शाह अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ संवाद करेंगे और इसके बाद दोपहर में नारायणपुर में बीएसएफ के जवानों से मिलेंगे, जो नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहते हैं. यह मुलाकात सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने और जमीनी स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी
अपने दौरे के दूसरे दिन, सोमवार, 23 जून को गृह मंत्री अमित शाह अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ संवाद करेंगे और इसके बाद दोपहर में नारायणपुर में बीएसएफ के जवानों से मिलेंगे, जो नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहते हैं. यह मुलाकात सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने और जमीनी स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी



