बाजार से महंगे दामों में खाद खरीदने में मजबूर हो रहे किसान
राजनांदगांव (दावा)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व उर्जा मंत्री धनेश पाटिला ने केंद्र सरकार सहित राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद बीज उपलब्ध नहीं करा पाना डबल इंजन की सरकार की असफलता को दर्शाता है।
श्री पाटिला ने कहा कि किसानों को खाद बीज के लिए सोसायटियों के चक्कर लगाने पड रहे हैं। जबकि सरकार को समय रहते खाद बीज का भंडारण कर लेना चाहिए था। तब डबल इंजन की सरकार कुंभकर्णी निद्रा में सोई रही। अब जब खेती-किसानी का कार्य सिर पर है तब खाद- बीज का रोना लगा हुआ है। श्री पाटिला ने कहा कि सोसायटियों से डीएपी व यूरिया खाद किसानों को नहीं मिल पा रहा। किल्लत बनी हुई है लेकिन बाजार में यही खाद कैसे उपलब्ध हो पा रहा हैं जिसे किसानों द्वारा महंगे दामों में खरीदा जा रहा है। क्या इसके लिए रुस युक्रेन का युद्ध आड़े नहीं आ रहा। श्री पाटीला ने धान व बीजो के संबंध में भी सरकार को आड़े हाथों लिया व कहा कि सोसायटियों में धान व बीज दोनों महंगे दामों में मिल रहा है। किसानों को घटिया दर्जे की बीज दिए जाने से उक्त बीज खेतों में सही तरीके से उग नहीं पाते इससे किसानों को फिर से बीज लेनी पड़ रही है। इससे उनका श्रम व पैसा दोनों फिजूल जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहर हाल सरकार किसानों व किसानी दोनों मामले में फेल नजर आ रही है। न तो वह किसानों को सही ढंग से खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करा पा रही है और न कथित इसकी संकट के चलते इसकी वैकल्पिक मिश्रित खाद के उपयोग के बारे में उन्हें समझा पा रही है। इससे किसान परेशान हैं और भाजपा सरकार के प्रति उनका मोह धीरे-धीरे भंग होने लगा है।



