० डाक्टरों के कक्षों को सामने हाल में किया गया शिफ्ट
० आसपास के गंदे नालों की सफाई व चौड़ीकरण की दिशा में ध्यान नहीं, बारिश से अस्पताल परिसर होगा जलमग्न

राजनांदगांव (दावा)। इन दिनों बसंतपुर स्थित जिला चिकित्सालय को लगभग ढ़ाई फूट उंचा उठाए जाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अस्पताल के ओटी से लेकर मरीजों के वार्ड व दवाई स्टोर सहित डाक्टरों के ओपीडी कक्षों को सामने स्थित हाल में शिफ्ट किया गया। जिला चिकित्सालय के एमआरओ डाक्टर महेंद्र प्रसाद ने बताया कि उक्त हाल के सामने हिस्से में पर्ची काउंटर बनाया जा रहा है, ताकि मरीजों को अस्पताल के पुराने पर्ची काउंटर में जाने की जरुरत नहीं होगी। क्योंकि पर्ची काउंटर स्थल से लेकर सभी डाक्टरों के कक्ष सर्जन कक्ष व नर्स कक्ष, अधीक्षक चेंबर सहित अन्य कक्षों को पाटकर उंचा उठाया जा रहा है। शनिवार को इस शिफ्टिंग कार्य के दौरान इंजेक्शन कक्ष की सुविधा नहीं होने से इंजेक्शन लगाने आने वाले मरीजों को भटकते देखा गया।

कचरा गंदगी से भरा पड़ा हैं आसपास के नाले
बता दें कि बारिश के दिनों में जिला चिकित्सालय में पानी भर जाने के कारण इसे और भी पाटकर उंचा उठाया जा रहा है, लेकिन उक्त अस्पताल में बारिश का पानी भरने की मुख्य समस्या जस की तस बनी हुई है। बताते चलें कि जिला चिकित्सालय के सामने तथा 100 बिस्तर मातृ शिशु अस्पताल के सामने में बहने वाला गंदा नाला आज भी कचरा गंदगी से भरा पड़ा है। इन नालों से गंदा पानी का समुचित रुप से निकासी नहीं होने तथा इसकी चौड़ाई कम होने की वजह से इसका गंदा पानी पूरे अस्पताल परिसर में पसर जाता है। जो कि डाक्टरों की कालोनी में पानी भर जाता है। जिससे डाक्टरों सहित मरीजों को अस्पताल पहुंचने में खासी दिक्कते उठानी पड़ती है। हालांकि अस्पताल के भीतर बारिश का पानी घुसने से बचाने के लिए करोड़ों खर्च कर इस ढ़ाई फूट उंचा उठाया जा रहा है। इसके पहले भी करोड़ों खर्च कर एक फूट उंचा उठाया गया था। इसके बाद भी बारिश के दिनों में आसपास के गंदे नालों का पानी अस्पताल परिसर में घुसने से रोका नहीं जा सका। हास्पीटल के डाक्टरों व नर्सों सहित स्टाफ के लोगो का कहना है कि इतना खर्च करने के बाद भी बारिश में उक्त गंदे नालों का पानी अस्पताल परिसर में पसर कर जलमग्न होने की स्थिति बनी तो वे सभी पानी में खड़े होकर आंदोलन करने से नहीं चुकेंगे। अस्पताल के लोगों का कहना है कि जिला चिकित्सालय को उंचा उठाने के पीछे लाखों-करोड़ों खर्च करने के बजाय आसपास बहने वाले गंदे नालों का गहरीकरण व चौड़ीकरण की जाए व बड़े नाले के मुहाने को और भी चौड़ा की जाए तो अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भर ही नहीं पाएगा। हालांकि नगर निगम द्वारा उक्त नालों की चौड़ाई बढ़ाने के लिए सवा तीन करोड़ का प्रस्ताव पास कर लिया गया है, लेकिन काम चालू नहीं होने से परिस्थितियां जस की तस बनी हुई है।



