डोंगरगढ़ (दावा)। साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त अवैध धनराशि के दुरुपयोग पर लगाम कसते हुए डोंगरगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के पोर्टल से मिली विशिष्ट जानकारी के आधार पर पुलिस ने 8 ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ के धारकों को गिरफ्तार किया है। ये खाते साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को ठिकाने लगाने, उपयोग करने और आगे बढ़ाने में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
बंधन बैंक में जमा थे 10 लाख से ज़्यादा के धोखाधड़ी के पैसे
पुलिस जांच में सामने आया कि बंधन बैंक की डोंगरगढ़ शाखा में खुले विभिन्न ‘म्यूल खातों’ में 25 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त 10,06,544 रूपए (दस लाख छह हजार पाँच सौ चौवालिस रुपये) की बड़ी धनराशि जमा की गई थी। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए 15 जुलाई 2025 को थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक- 360/2025, धारा 317(2), 317(4), 317(5) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज किया गया और तुरंत विवेचना शुरू की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में स्थानीय निवासी शामिल
जांच के बाद 19 जुलाई को पुलिस ने आठ म्यूल अकाउंट खाताधारकों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मन्नू यादव (40), सिराजुद्दीन खान (50), आर्यन नामदेव (21), सोहेल खान (24), चिरावन सेन (35), रवि ढीमर (26), सचिन मेश्राम (45), और प्रियांशु जंघेल (22) शामिल हैं। ये सभी आरोपी डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराधियों पर नकेल कसने और ऐसे वित्तीय अपराधों में शामिल व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग ने ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखने और सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है।



