पीएमजीएसवाय के अधिकारी की लापरवाही उजागर
राजनांदगांव (दावा)। विधानसभा के लगातार चार बार विधायक डॉ. रमन सिंह के ग्रामीण क्षेत्र का अधिकांश सडक़ों का हाल बेहाल है। राजनांदगांव विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सिंघोला से भोथीपार पहुंच मार्ग 2 किलोमीटर, रानीतराई-आलीखुटा से उसरीबोड़ मार्ग 3 किलोमीटर, मुख्य मार्ग से मुड़पार मलपुरी पहुंच मार्ग 2 किलोमीटर, बुचीभरदा से कुसमी पार्रीखुर्द पहुंच मार्ग लगभग 4 किलोमीटर, ग्राम रवेली से मनकी तोरणकट्टा मार्ग 2 किलोमीटर, कन्हारपुरी से जंगलेसर मोखला मार्ग 3 किलो मीटर यह सभी मार्ग अत्यंत ही जर्जर हो चुके हैं। जिसका नव निर्माण करने की आवश्यकता है।
पहली बारिश में ही उखड़ी साढ़े चार करोड़ की सडक़
राज्य सरकार द्वारा निर्माण कामों में गुणवत्ता बरतने के भले ही लाख दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हाईप्रोफाइल जिले में राज्य सरकार के इस दावे की पोल खुलते दिखाई दे रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना द्वारा साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से बन रही खुंटेरी से सुरगी तक की सडक़ पहली बारिश में ही उखड़ गई है। हालात यह है कि गुणवत्ताहीन काम पर पर्दा डालने के लिए ठेकेदार द्वारा नई सडक़ में मुरूम डाली जा रही है।
विभाग व ठेकेदार की भ्रष्टाचार और लापरवाही उजागर
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना द्वारा खुंटेरी से सुरगी तक 11 किलोमीटर सडक़ का निर्माण काम इसी साल पूरा कराया गया है। चार करोड़ 49 लाख 82 हजार रुपए की लागत से निर्मित इस सडक़ का ठेका पिछले साल राजकान इंजीनियरिंग प्राईवेट लिमिटेड दुर्ग को दिया गया था। ठेकेदार ने पिछले मार्च २०२५ से काम शुरू किया और तीन माह के भीतर ही सडक़ का निर्माण काम पूरा कर लिया गया।
नई सडक़ पर डाल रहे मुरूम, काला ऑइल
सडक़ निर्माण में गुणवता की अनदेखी किए जाने के चलते पहली बारिश में ही नवनिर्मित सडक़ में कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बारिश में ही सडक़ पर दरारें और गड्ढे हो गए हैं। गड़बड़ी पर पर्दा डालने शिवनाथ नदी भर्रेगांव पुल के पास गड्ढे को पाटने के लिए मुरूम डाला गया है। ग्राम आरला के पास भी गड्ढों को भरने के लिए मुरूम को डाला गया है।
कार्रवाई की उठी मांग
ग्रामीणों ने इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आनन-फानन में गुणवत्ताहीन काम कर विभाग ने ठेकेदार को भुगतान कर दिया है। इस मामले में जांच की मांग की गई है।



