मिट्टी के दीए बेचने वालों से पसरा टैक्स न ले निगम – राकेश ठाकुर
राजनांदगांव (दावा)। देश के प्रधानमंत्री लोकल फार लोकल पर सर्वाधिक जोर दे रहे हैं। यही नहीं वे देश की जनता को स्वदेशी माल खरीदने की बात कहकर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं। संस्कार धानी के जागरुक लोगों द्वारा भी दीपावली पर्व को स्वदेशी की भावना के साथ परंपरा गत संस्कृति के साथ मनाने का आह्वान किया जा रहा है।
बता दें कि ज्योतिर्गमय पर्व दीपावली धन की देवी मां लक्ष्मी पूजन का त्योहार है। इस दिन अपने घर-आंगन, चौक-चौबारों में सैकड़ों मिट्टी के दीए जलाकर माहौल को जगमग रौशन किया जाता है। पुष्य नक्षत्र से घरों के आंगन चौबारों को मिट्टी के दीयों से रौशन किया जाना शुरू हो जाता है। धन तेरस के दिन तेरह मिट्टी के दीए, रुप चौदस को चौदह मिट्टी के दीए तथा दीपावली के दिन सैकड़ो मिट्टी के दीए जलाकर जगमग रौशन किया जाता है। मिट्टी के इन दीयों को रंग-रुप व आकर्षक आकार देने वाले हमारे ये कुम्हार भाई है। ये पारंपरिक कारीगर हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक है। जिनके हस्त निर्मित दीए हमारी लोक कला और परंपरा की पहचान है। ऐसे में हम सब का दायित्व हो जाता है कि लोकल फार वोकल को बढ़ावा देते हुए हम इन कुम्हारों के पास से ही मिट्टी के दीए खरीदें और उनका हाथ मजबूत करें। साथ ही अन्य लोगों को मिट्टी के दीए खरीदने के लिए प्रेरित करते हूए स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देंवें।
मिट्टी के दीए बेंचने वालों से पसरा टेक्स न लिए जाने
संस्कारधानी सनातन धर्म सेवा परिवार प्रमुख राकेश ठाकुर (अधिवक्ता) ने कहा है कि दीपावली सिर्फ रौशनी का त्योहार नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का पर्व है। उन्होंने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तु अपनाते हैं तो न केवल अपने देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं, अपितु ग्रामीण शिल्पकारों को भी आजीविका का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने दीवाली के अवसर पर जिला प्रशासन से निवेदन किया है कि स्थानीय कुम्हार भाईयों द्वारा निर्मित मिट्टी के दीये एवं अन्य मिट्टी से निर्मित पारंपारिक वस्तुओं के विक्रय पर पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी पसरा टैक्स ना वसूलने का आदेश जारी की जाए। साथ ही कुम्हार भाईयों एवं छोटे व्यापारियों द्वारा विभिन्न स्थानों चौक-चौराहों पर विक्रय हेतु लगाये गये पसरा को दीपावली सीजन तक ना हटाई जाए। उक्त हेतु पुलिस प्रशासन से तथा निगम प्रशासन से भी मांग की है कि इन मिट्टी के दीए बेंचने वालों से पसरा टैक्स न ली जाए। जिससे सभी वर्ग दीपावली के त्यौहार आनंद पूर्वक मना सके एवं माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा आवाह्न किये गये वोकल फॉर लोकल की ओर तेजी से अग्रसर होते हुए राष्ट्र निर्माण मे सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर श्री ठाकुर ने आम जनता से अपील की है कि सिर्फ मिट्टी के बने हुए दीए एवं पारंपारिक वस्तुए अधिक से अधिक संख्या मे खरीदे और स्वावलंबिता का परिचय देते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत देने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करें।



