कंपनी को पहले ही 93 एकड़
जमीन गांव में मौजूद
विरोध में पहुंचे 4 गांव के सैकड़ों ग्रामीण
डोंगरगांव (दावा)। गांव की बेस कीमती और शासकीय जमीन में निजी कंपनी की नजर है, जिसमें उनके द्वारा सोलर प्लांट लगाए जाने की बात कही जा रही है। इसके लिए कंपनी के द्वारा ग्राम पंचायत से पहले ना तो चर्चा की गई, ना ही कोई विधिवत दस्तावेज प्राप्त किए गए और सीधे सोलर प्लांट लगाने के लिए पंचायत में नोटिस भिजवाया गया है। इसके बाद से ग्रामीण काफी नाराज और उग्र हैं. शुक्रवार को समीपस्थ चार गांव के सैकड़ों ग्रामीण अपने गांव के चारागाह और खेल मैदान को बचाने के लिए डोंगरगांव तहसील कार्यालय पहुंचे, इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा आपत्ति लगाई गई और आज पेशी के दौरान सैकड़ों ग्रामीण तहसील कार्यालय डोंगरगांव पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस विषय में ग्राम सरपंच, ग्राम प्रमुख व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम बड़भूम, खुज्जी, करेठी और गुंडरदेही के सैकड़ों ग्रामीण अपना विरोध और आपत्ति दर्ज कराने आये हैं। उन्होंने बताया कि एक प्राईवेट कंपनी द्वारा ग्राम बड़भूम प.ह.न. 27 तहसील डोंगरगांव जिला-राजनांदगांव में स्थित शासकीय भूमि ख.न. 752/1 रकबा 23.2310हे. में से 14.1643हे.(लगभग 35एकड़) शासकीय भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित कर संचालित करने हेतू शासकीय पट्टे प्रदान के लिये न्यायालय नायब तहसीलदार डोंगरगांव के समक्ष आवेदन पेश किया गया है, जिसमें समस्त ग्रामवासियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इस आवेदन में बताया गया है कि, उनके हक व स्वामित्व में ग्राम बड़भूम में लगभग 93 एकड़ भूमि स्थित है. जिसमें से 40 एकड़ भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्र प्लांट लगाने हेतू ग्राम पंचायत बड़भूम के द्वारा एन.ओ.सी. दिया गया तथा इसके अतिरिक्त लगभग 53 एकड़ शेष भूमि रिक्त है। जिसमें सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित किया जा सकता है, जिसमें ग्रामवासियों को किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है। ग्राम बडभूम मे ख.न. 752/1 रकबा 23.2310हे. एकमात्र शासकीय भूमि है, जिस पर समस्त ग्रामवासियों का निस्तारी है। जिसमें मवेशियों का चारागाह एवं खेल मैदान तथा उसी स्थल पर शासकीय तालाब बना हुआ है। जिसका उपयोग समस्त ग्रामीणों के द्वारा किया जाता है। उपरोक्त शासकीय भूमि पर ग्राम गुण्डरदेही, खुज्जी, बडभूम, करेठी के मवेशियों का एकमात्र चारागाह स्थल है। यदि उपरोक्त स्थल को शासकीय पट्टे पर दिया जाता है तो ग्रामीणों के समक्ष चारागाह के लिये विकट समस्या उत्पन्न हो जावेगी। ग्राम बड़भूम स्थित शासकीय भूमि को शासकीय पट्टे में दिये जाने पर समस्त ग्रामीणों ने घोर आपत्ति दर्ज की है और उन्होंने प्रायवेट कंपनी द्वारा प्रस्तुत आवेदन को तत्काल निरस्त किये जाने की मांग की है।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार थे, तो सुनवाई नहीं हो पाई और वहां उपस्थित तहसीलदार द्वारा धमकी भरे लहजे में कहा गया कि इतने सारे लोग क्यों आये हो, तुमको अंदर करवा दूंगा. इस बात को लेकर भी मामला और तूल पकड़ लिया और ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। इस दौरान तहसील में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीण पहुंचे थे, नायब तहसीलदार इस मामले को देख रहे हैं। ग्रामीणों को जेल भेजने की बात नहीं की गई है, उन्हें समझाया गया है कि, इतने लोगों को आने की आवश्यकता नहीं है, प्रतिनिधि के रूप में सरपंच, सचिव आ सकते हैं और बात रख सकते हैं। धान खरीदी के कारण सभी अधिकारी व्यस्त हैं। जेल भेजने की बात नहीं कही गई, ग्रामीणों को समझाया जा रहा था और उन्होंने गलत मतलब निकाल लिया।
पी.एल.नाग तहसीलदार, डोंगरगांव



