मृतक की जेब से मिला सुसाइड नोट, अधिकारियों पर भष्ट्राचार के आरोप
राजनांदगांव (दावा)। निकटस्थ ग्राम खैरा निवासी होमगार्ड जवान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना शाम की बताई जाती है। होमगार्ड जवान के पुत्र रविशंकर मंडावी ने जब घर आकर देखा तो खाट में पड़े उसके पिता जी के मुंह से झाग निकला हुआ था। घटना का पता चलते ही घर में चीख पुकार मच गई और देखते ही देखते गांव के लोग मृतक के घर के सामने एकत्रित हो गए । मृतक होमगार्ड का नाम तिजऊ ठाकुर (मंडावी) बताया जाता है। लगभग 60 वर्षीय तिजऊ वर्षों से होमगार्ड की नौकरी कर रहा है। इसी माह 31दिसंबर को उसका रिटायर मेंट होने वाला था। लेकिन पिछले कई दिनों से आर्थिक तंगी झेल रहे होमगार्ड के उस जवान ने आत्महत्या जैसे कदम उठा ली। बताया जाता है कि उनके विभागीय अधिकारी उनकी वेतनमान व भोजन की राशि रोक रखे थे। तीन महीने से उसका? वेतन लटका हुआ था। इससे वह सेलरी के लिए तरस रहा था। विभागीय अधिकारी की लापरवाही से आर्थिक तंगी का शिकार होने पर उसने आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठा डाली। मृतक के पुत्र रविशंकर ने अपने पिता तिजऊ ठाकुर (मंडावी) के जेब से उनका लिखा हुआ सुसाइड नोट मिलने की बात बताई है। वह सुसाइड नोट वायरल हो गया है।
लगाए भष्ट्राचार के गंभीर आरोप
बताया जाता है कि मृतक तिजऊ ने उक्त सुसाइड नोट में अपने दो अधिकारियों का नाम लिखे हुए है जिन पर भष्ट्राचार का आरोप लगाते हुए उसके वेतनमान व भोजन की राशि रोक दिए जाने की बात लिखी है। उक्त सुसाइड नोट सुरगी पुलिस अपने कब्जे में लेकर हेडराइटिंग एक्सपर्ट के पास जांच के लिए भेज दी है।
सुरगी चौकी प्रभारी शंकर गिरी गोस्वामी ने बताया कि घटना रविवार 21 दिसंबर के लगभग डेढ़-दो बजे की है। मृतक तिजऊ ने अपने घर की छत पर जाकर कीटनाशक दवाई का सेवन कर लिया और खाट में आकर सो गया था। मृतक के पुत्र की उस पर नजर पड़ी तब उसे उठाकर तत्काल मेडिकल कॉलेज हास्पीटल, पेंड्री ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस मृतक के शव का पंचनामा कर उनके परिवार वालों को सौंप दिया है और घटना के संबंध में मर्ग कायम कर आगे की जांच में ले लिया है। अब देखना यह है कि मृतक द्वारा अपने सुसाइड नोट में अपने जिन दो विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचारिता के आरोप लगाए हैं उन पर क्या विभागीय कार्रवाई होती है।



